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6 फुट 3 इंच लंबा स्टारकिड, नहीं बनना चाहता एक्टर-डायरेक्टर, ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है लक्ष्य, छोड़ा भारत

बॉलीवुड के ज्यादातर स्टारकिड जहां फिल्मी सितारे बने के सपने देखते हैं तो कुछ स्टारकिड ऐसे भी स्टारकिड हैं जो अपने मातापिता की तरह लाइमलाइट में रहना पसंद नहीं करते और अभिनय की दुनिया से दूर अलग करियर बनाना चाहते हैं या बना चुके हैं। संजय दत्त की बेटी त्रिशाला से लेकर आमिर खान की बेटी आयरा खान तक, इंडस्ट्री में उन स्टारकिड्स की कमी नहीं है, जिन्हें फेम से लगाव नहीं है। लेकिन, क्या आप उस स्टारकिड के बारे में जानते हैं जो एक्टिंग से दूर स्पोर्ट्स की दुनिया में अपनी राह बनाना चाहते हैं और देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने की ख्वाहिश रखते हैं। यहां बात हो रही है ‘धुरंधर’ स्टार आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन की, जो एक बेहतरीन स्विमर हैं और ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

6 फुट 3 इंच लंबा स्टारकिड, नहीं बनना चाहता एक्टर-डायरेक्टर, ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है लक्ष्य, छोड़ा भारत
6 फुट 3 इंच लंबा स्टारकिड, नहीं बनना चाहता एक्टर-डायरेक्टर, ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है लक्ष्य, छोड़ा भारत

भारत छोड़ विदेश में कर रहे पढ़ाई

आर माधवन के बेटे वेदांत अपने पिता के स्टारडम के बाद भी चकाचौंध की दुनिया से दूर रहते हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य एकदम स्पष्ट है और ये लक्ष्य है एक दिन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना। पिछले साल वेदांत ने रुहान मथरेजा के साथ बातचीत में अपनी बिजी लाइफस्टाइल के बारे में बात करते हुए बताया था कि वह ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना चाहते हैं। वेदांत एक स्विमर हैं और फिलहाल दुबई में पढ़ाई कर रहे हैं। यहीं वह स्विमिंग की भी ट्रेनिंग ले रहे हैं।

वेदांत की बिजी लाइफस्टाइल

वेदांत ने बातचीत के दौरान कहा था ‘मैं सुबह लगभग 4.30 पर उठ जाता हूं और 4.45 तक पूल पहुंच जाता हूं। वहां में 2 घंटे तक तैरता हूं। इसके बाद स्ट्रेचिंग करता हूं और फिर घर वापस आ जाता हूं। स्कूल हुआ तो स्कूल जाता हूं और वापस आकर हल्का नाश्ता करता हूं। थोड़ी देर आराम के बाद फिर पूल वापस चला जाता हूं। मैं लगभग 7.30 पर फिर तैरना शुरू कर देता हूं और रात 9.30 तक तैरता हूं।’ कुल मिलाकर वेदांत रोजाना 4 घंटे के लगभग स्विमिंग करते हैं।

अनुशासन पर वेदांत

अनुशासन पर बात करते हुए वेदांत ने कहा ‘ये बहुत बिजी हो जाता है। लेकिन, ये सब त्याग के बारे में है। आपको कुछ चीजें छोड़ना पड़ता है और उससे भी बढ़कर खुद पर विश्वास करना होता है। मानसिक संघर्ष भी जरूरी है। मुझे मेरे कोच ने एक बात बताई है और वो ये कि हमेशा वर्तमान में रहो और फाइनल की चिंता मत करो। बस जिस पल में हो, उस पर ध्यान दो  और उसी में जियो। दुबई में मुझे स्विमिंग में कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि जहां मैं ट्रेनिंग करता हूं वहां बहुत से भारतीय स्विमर हैं। लेकिन, यहां स्विमिंग के साथ अन्य चीजों को संतुलित करना मुश्किल है।’ बता दें, माधवन के बेटे 6 फुट 3 इंच लंबे हैं और एक अनुशासित लाइफस्टाइल जीते हैं।

 

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