सरकारी कर्मियों की तरह अब आउटसोर्स कर्मचारियों को भी समय पर सैलरी मिलेगी. ठेके पर बहाल दैनिक कर्मचारियों के लिए भी ये नियम लागू होंगे. मासिक वेतन पाने वाले कर्मियों को 7 दिन के भीतर सैलरी देनी होगी. इसी तरह डेली वेजेज यानी दैनिक मजदूरी में लगे कर्मियों और साप्ताहिक या पाक्षिक यानी 7 दिन और 15 दिन पर वेतन पाने वाले कर्मियों के लिए भी समयसीमा तय की गई है. केंद्र सरकार ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं. आउटसोर्सिंग कंपनियां अगर इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें सरकार ब्लैकलिस्ट कर देगी.

दरअसल, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन संहिता 2019 के तहत सभी श्रेणियों के श्रमिकों को समय पर वेतन का भुगतान अनिवार्य है.
वेतन भुगतान के लिए सख्त समयसीमा
नए नियमों के अनुसार, विभिन्न कार्य अवधियों के लिए भुगतान की समयसीमा निर्धारित की गई है.
इसके तहत दैनिक वेतन शिफ्ट खत्म होने पर दिया जाना चाहिए.
साप्ताहिक वेतन साप्ताहिक अवकाश से पहले दिया जाए.
पाक्षिक वेतन पखवाड़ा समाप्त होने के 2 दिन के भीतर दिया जाए.
मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख तक दे दिया जाना चाहिए.
ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही
केंद्र के निर्देश के अनुसार, ठेकेदारों को अनिवार्य रूप से बैंक ट्रांसफर या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वेतन का भुगतान करना होगा. मुख्य नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि अनुबंध करने से पहले पर्याप्त बजट उपलब्ध हो और वे GeM पोर्टल या अन्य माध्यमों पर पूरे अनुबंध काल के लिए फंड ब्लॉक करें.
ठेकेदारों को महीने की 10 तारीख तक अपने बिल जमा करने होंगे, जिन्हें संबंधित डीडीओ द्वारा 15 तारीख तक हर हाल में पास करना होगा.



