Gold Price in IndiaPakistan: दुनियाभर में बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ती लोगों की प्रवृति को देखते हुए भारत और पाकिस्तान दोनों में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. भारत में जहां 24 कैरेट सोने का भाव इस समय लगभग 1.68 लाख से 1.87 लाख रुपये प्रति तोला के बीच चल रहा है. वहीं पाकिस्तान में गोल्ड के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. वहां पर गोल्ड के प्रति तोला के दाम लगभग 5 लाख पाकिस्तानी रुपये के करीब पहुंच गया है.

पाकिस्तान में कितनी है कीमत?
ऑल पाकिस्तान सराफा जेम्स एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, पाकिस्तान में प्रति तोला सोने की कीमत में 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद वहां पर सोने की नई कीमत 4 लाख 92 हजार 362 पाकिस्तानी रुपये प्रति तोला तक पहुंच गई है. वहीं 10 ग्राम सोना 4,22,121 पाकिस्तानी रुपये का हो गया है.
जिन्नालैंड में आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर के रेट में हो रहे उतारचढ़ाव और वैश्विक तनाव की वजह से दुनिया में पाकिस्तानी भी अछूते नहीं है. भविष्य की अनिश्चितताओं से बचने के लिए वहां के धनसंपन्न लोग अपने पैसों को सोने में इन्वेस्ट कर रहे हैं. वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेजी भी उन्हें प्रभावित कर रही है. उन्हें लग रहा है कि गोल्ड की ये कीमतें अब कम नहीं होगी. ऐसे में अगर आज निवेश कर देते हैं तो भविष्य में अच्छा फायदा हो सकता है. इसके साथ ही वहां शादीब्याह के सीजन की वजह से भी गोल्ड की मांग अच्छी बनी हुई है. जिसकी वजह से सोने के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं.
पाकिस्तान में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी सिर्फ निवेश या शादीब्याह का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह अब देश के गहराते विदेशी कर्ज संकट की भी तस्वीर दिखाने लगी है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही IMF कर्ज, घटते विदेशी मुद्रा भंडार और कमजोर रुपये के दबाव में है. ऐसे माहौल में लोग अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए तेजी से सोने की तरफ भाग रहे हैं.
कर्ज के बोझ से दबा हुआ पाकिस्तान
बताते चलें कि पाकिस्तान इस समय भारी विदेशी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है. हाल ही में उसे 1.3 अरब डॉलर का यूरोबॉन्ड चुकाना पड़ा, जिसके बाद उसके विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई. इसके साथ ही साथ ही UAE से लिया गया 3.5 अरब डॉलर का कर्ज से भी पाकिस्तान पर दबाव बना हुआ है.
यही वजह है कि पाकिस्तान में अब लोग बैंक, शेयर बाजार या रुपये पर भरोसा कम कर रहे हैं. वे भावी समय के लिए सोने में निवेश करना बेहतर मान रहे हैं. डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, असल समस्या यह है कि पाकिस्तान में सोने का उत्पादन नहीं होता. उसे डॉलर देकर सोना आयात करना पड़ता है. यानी जितना ज्यादा सोना खरीदा जाएगा, उतना ही ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ेगा. ऐसे में पहले से कमजोर पाकिस्तानी रुपये के कारण सोना और महंगा हो रहा है. जिससे महंगाई भी बढ़ रही है.
पाकिस्तान में फैल रही आर्थिक बेचैनी
यानी पाकिस्तान में सोना सिर्फ महंगा नहीं हो रहा, बल्कि इससे वहां पर आर्थिक बेचैनी भी फैल रही है. साथ ही विदेशी कर्ज संकट विकराल रूप ले रहा है. कई पाकिस्तानी निवेशक सोशल मीडिया और फोरम्स पर खुलकर कह रहे हैं कि उन्हें रुपये से ज्यादा भरोसा सोने पर है, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे आर्थिक संकट और गहरा सकता है.



