पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर आसनसोल पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. आसनसोल के जहांगिरी मोहल्ला पुलिस फाड़ी की टीम रेलपार इलाके पहुंची. यहां मुस्लिम समाज के लोगों को तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर प्रशासनिक मैसेज दिया गया. पुलिस ने स्थानीय लोगों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी. इस मैसेज के बाद रेलपार इलाके के कई मंदिरों और मस्जिदों में बैठकें भी शुरू हो गईं. इसी बीच स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व भारी संख्या में जहांगिरी मोहल्ला पुलिस फाड़ी पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा और तोड़फोड़ किया. उपद्रवियों ने पुलिस फाड़ी परिसर में नुकसान पहुंचाने के साथसाथ आसपास के इलाके में भी तोड़फोड़ मचाई.

घटना के दौरान कई गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिनमें पुलिस की गाड़ियों के अलावा आम लोगों की गाड़ियां भी शामिल हैं. इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया. घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को कंट्रोल करने में जुट गया. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन की तरफ से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
पुलिस उपायुक्त वी.जी. सतीश पसुमर्थी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और आगे कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज की जांच की जा रही है. इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सीएम बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी के बड़े फैसले
सीएम बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने की तरफ से कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इनमें धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. पुलिस को सभी इलाकों में लाउडस्पीकर की आवाज पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की सभा में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया गया है. सभी छात्रों को इसमें हिस्सा लेना होगा. बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 45 दिनों के भीतर BSF को जमीन हस्तांतरित करने का फैसला लिया गया है.
‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के बिना किसी भी मवेशी की हत्या पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. फिटनेस सर्टिफिकेट केवल नगर पालिका अध्यक्ष, पंचायत समिति प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक की सहमति से ही जारी किया जाएगा. राज्य में BNS को लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है. आरोप है कि TMC सरकार ने राज्य में पुराने IPC और CrPC की जगह नया आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ लागू नहीं किया था.



