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हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स की नियमित होने की उम्मीदों को झटका, सरकार ने स्पीकिंग ऑर्डर वापस लेने से किया इनकार

हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स की नियमित होने की उम्मीदों को झटका, सरकार ने स्पीकिंग ऑर्डर वापस लेने से किया इनकार

चंडीगढ़, हरियाणा: प्रदेश के 10,757 गेस्ट टीचर्स को नियमित करने की मांग पर सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच एक बार फिर सहमति नहीं बन पाई। सोमवार को गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री नायब सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक में सरकार की ओर से साफ संकेत दिया गया कि नियमितीकरण से इनकार करने वाला स्पीकिंग ऑर्डर वापस नहीं लिया जाएगा।

चंडीगढ़ में राजेश खुल्लर के आवास पर हुई यह बैठक करीब 30 मिनट चली। गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान के मुताबिक, बातचीत के दौरान खुल्लर ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुका है और अब इसे वापस नहीं लिया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से अन्य संभव सहयोग किया जाएगा।

दरअसल, 24 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर गेस्ट टीचर्स को नियमित करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से शिक्षक संगठन लगातार सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी नियमित नहीं होने का दावा

गेस्ट टीचर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों का कहना है कि शिक्षक नियमितीकरण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से फैसला अपने पक्ष में हासिल कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें पक्का नहीं कर रही है। अजय लोहान ने मांग की कि सरकार को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय अदालत के फैसले को लागू करना चाहिए था।

शिक्षक संगठन की मांग है कि तीन साल की पॉलिसी के तहत गेस्ट टीचर्स को नियमित किया जाए। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज भी अधिकारियों के सामने रखे, लेकिन नियमितीकरण के मुद्दे पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।

सिरसा से शुरू की थी न्याय यात्रा

नियमितीकरण की मांग को लेकर गेस्ट टीचर्स ने 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की थी। उनका कार्यक्रम चंडीगढ़ पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का था। इसी बीच कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनकी बातचीत करवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोमवार को राजेश खुल्लर के साथ बैठक तय हुई, लेकिन इसमें भी कोई समाधान नहीं निकल सका।

बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से शिक्षकों को यह विकल्प बताया गया कि वे स्पीकिंग ऑर्डर को अदालत में चुनौती दे सकते हैं। वहीं, मोर्चा प्रतिनिधियों का कहना था कि जब नियमितीकरण का मामला सरकार के विचाराधीन है तो विभाग को अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

अब आंदोलन की नई रणनीति बनाएंगे शिक्षक

बैठक के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आपस में चर्चा की। संगठन ने तय किया है कि जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों के प्रधानों की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति और आंदोलन के अगले चरण पर फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल 10,757 गेस्ट टीचर्स की नियमितीकरण की मांग पर गतिरोध बना हुआ है। सरकार के स्पीकिंग ऑर्डर वापस लेने से इनकार के बाद शिक्षक संगठनों के सामने अब कानूनी लड़ाई और आंदोलन को आगे बढ़ाने का विकल्प बचा है।

Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी और शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों के बयानों पर आधारित है। मामले में सरकार और संबंधित पक्षों के आधिकारिक रुख को ध्यान में रखते हुए आगे की स्थिति बदल सकती है।

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