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पड़ोस में खेलने जा रहा बच्चा…पहले उसे जरूर सिखा दें सेफ्टी से जुड़ी ये बातें

भारतीय घरों में लोग अपने पड़ोसियों के साथ भी काफी फ्रेंडली होते हैं, लेकिन आज के टाइम में जिस तरह से बच्चों के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए हर मातापिता को थोड़ाबहुत डर तो महसूस होता ही है. हर वक्त आप अपने बच्चे के साथ नहीं रह सकते हैं और न ही बच्चे को हमेशा घर में रखा जा सकता है. बच्चा जब कहीं आसपास खेलने जाए या दोस्त के घर जा रहा है तो उसकी सेफ्टी के लिए वो खुद ही सतर्क रहे ये जरूरी है. इस आर्टिकल में जानिए 5 ऐसे सेफ्टी रूल जो आपको अपने बच्चे को सिखाना ही चाहिए.

पड़ोस में खेलने जा रहा बच्चा…पहले उसे जरूर सिखा दें सेफ्टी से जुड़ी ये बातें

पैरेंटिंग में सिर्फ बच्चे को अच्छी बातें बोलना, व्यवहार अच्छा करना जैसी चीजें ही सिखाना काफी नहीं होता है. आज सेफ्टी सबसे बड़ा कंसर्न बन गया है और इसलिए बच्चे को ये भी सिखाना जरूरी है कि किसके साथ उसे किस तरह से रहना है. कब सावधान रहे.

किसी के साथ कोई सीक्रेट नहीं

अपने बच्चे को ये सिखाना जरूरी है कि अगर कोई आपको कहे कि मम्मीपापा को मत बताना और ये एक सीक्रेट है तो वो बात अपने मातापिता या फैमिली में किसी को जरूर बताएं. ऐसे इंसान के पास से तुरंत हट जाएं और अपने घर आ जाएं.

अनजान लोगों से बनाएं दूरी

कहीं जा रहे हो और कोई अनजान इंसान आपसे बारबार बात करने की कोशिश करे तो बिल्कुल भी उसके पास न जाएं. इसके अलावा अगर वह चॉकलेट या टॉफी देता है तो उसे भी न खाएं और वह चीज दिलाने के लिए साथ चलने को कहे तब भी उसके साथ न जाएं. यहां तक कि अगर कोई अजनबी आता है और घर पर कोई नहीं है तो दरवाजा न खोलें.

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असहजता को तुरंत बताएं

अपने बच्चों को सिखाएं कि अगर कोई आपके सामने कुछ ऐसा करता है जो आपको अजीब लग रहा हो तो वहां से तुरंत अपने घर आ जाएं. अगर कोई जानने वाला रिश्तेदार भी ऐसा करे तब भी पेरेंट्स को तुरंत बताएं और उनके साथ बिल्कुल भी न जाएं.

गुड टचबैड टच सिखाएं

बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाना सबसे जरूरी है ताकि उन्हें पता रहे कि कौन उनके लिए सही है और कौन नहीं. उन्हें बताएं कि कोई भी उनके प्राइवेट पार्ट्स को नहीं छू सकता है, फिर चाहे कोई जानने वाला ही क्यों न हो. इस बारे में तुरंत अपने मम्मीपापा को बताना है.

बच्चे को याद कराएं ये चीजें

ये बहुत जरूरी है कि आप बच्चे को जरूरी फोन नंबर्स, पेरेंट्स का नाम, घर का पता जैसी जरूरी चीजें याद करवाएं. इससे जब वो किसी मुसीबत में फसेंगे तो मदद लेने में दिक्कत नहीं होगी. कई बार बच्चे भीड़ में इधरउधर हो जाते हैं और घबराने लगते हैं. अगर उन्हें सेफ्टी टिप्स के बारे में पता होगा तो वो खुद की हेल्प कर पाएंगे.

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