
हरियाणा के भिवानी जिले में सामने आई यह पुरानी घटना प्यार, धोखे और विश्वासघात की ऐसी कहानी थी, जिसने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। एक तरफ पति मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ पत्नी सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने में जुटी थी। इसी दौरान उसकी जिंदगी में एक दूसरे युवक की एंट्री हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। आखिरकार यह रिश्ता एक खतरनाक साजिश में बदल गया।
इस कहानी में सभी नाम बदल दिए गए हैं।
ऑटो चलाकर परिवार पालता था मोहन
मोहन नाम का युवक ऑटो चलाकर अपने परिवार का खर्च उठाता था। उसके परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक छोटा बेटा था। वह चाहता था कि उसका परिवार खुशहाल रहे और बच्चे का भविष्य अच्छा बने।
लेकिन उसकी पत्नी राधा को सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने का शौक था। वह डांस से जुड़ी छोटी प्रस्तुतियों और शॉर्ट फिल्मों में काम करती थी। धीरे-धीरे उसका अधिकतर समय इसी गतिविधि में बीतने लगा।
मोहन को पत्नी का इस तरह व्यस्त रहना पसंद नहीं था। वह चाहता था कि राधा परिवार को भी समय दे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर बहस होने लगी। धीरे-धीरे उनके रिश्ते में दूरियां बढ़ती चली गईं।
सोशल मीडिया के जरिए हुई अमन से मुलाकात
इसी दौरान राधा की मुलाकात अमन नाम के युवक से हुई। वह भी सोशल मीडिया के लिए छोटी फिल्में बनाने और उनमें काम करने से जुड़ा हुआ था। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कुछ समय बाद उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमन पहले से शादीशुदा था। इसके बावजूद राधा और उसके बीच प्रेम संबंध बन गए। राधा के घर से बाहर रहने और बदलते व्यवहार को लेकर मोहन को शक होने लगा। इस बात पर घर में विवाद भी बढ़ने लगे।
पति को रास्ते से हटाने की बनी योजना
23 मार्च 2025 को दोनों के बीच एक बार फिर तीखी कहासुनी हुई। इसके बाद राधा और अमन ने मोहन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
25 मार्च की रात राधा ने अपने प्रेमी को घर बुलाया। उस समय मोहन सो रहा था। आरोप है कि राधा ने चुन्नी से उसका गला दबाना शुरू कर दिया और जब उसने बचने की कोशिश की तो अमन ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। कुछ ही देर में मोहन की मौत हो गई।
दोनों ने वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
कंबल में लपेटकर नाले तक ले गए शव
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटा और रात के अंधेरे में घर से दूर ले गए। करीब छह किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद शव को एक नाले में फेंक दिया गया।
दोनों को लगा कि इस तरह उनकी करतूत छिप जाएगी, लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी।
शव की पहचान से खुलने लगी कहानी
9 मार्च 2025 की सुबह एक गांव में अज्ञात शव मिलने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शव की हालत खराब होने के कारण शुरुआत में उसकी पहचान करना आसान नहीं था। बाद में कलाई पर बने टैटू और कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान प्रवीण के रूप में हुई।
परिजनों को भी उसकी मौत को लेकर कई सवाल थे। उन्होंने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक फुटेज में बाइक पर जा रहे अमन और उसके पीछे बैठी राधा दिखाई दिए। राधा के साथ कंबल में लिपटा सामान था, जबकि वापसी के समय वह कंबल नजर नहीं आया।
यह सुराग पुलिस की जांच में अहम साबित हुआ।
पत्नी और प्रेमी दोनों गिरफ्तार
परिजनों से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान राधा और अमन की भूमिका सामने आई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर मोहन की हत्या की और फिर शव को नाले में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की थी।
मासूम बच्चे के सिर से उठा पिता का साया
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा नुकसान उस मासूम बच्चे का हुआ, जिसने बेहद कम उम्र में अपने पिता को खो दिया। जिस परिवार के लिए मोहन दिनभर मेहनत करता था, वही परिवार एक साजिश के कारण बिखर गया।
यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी रिश्ते में विवाद या अलगाव का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। निजी संबंधों में पैदा हुआ तनाव जब अपराध का रूप ले लेता है, तो उसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।
Satya Report Disclaimer: यह पुरानी घटना पर प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई कथात्मक प्रस्तुति है। कहानी में नाम बदल दिए गए हैं। पुलिस जांच और आरोपों से जुड़ी जानकारी को प्रकाशित रिपोर्ट के संदर्भ में समझें।



