CrimeIndiaTrending

​​​​​एक वीडियो कॉल ने उजाड़​​​ दी जिंदगी! पहले अश्लील हरकतों का जाल बिछाया, फिर पुलिस अधिकारी बनकर दी धमकी, 14.63 लाख रुपये ऐंठने वाले चार ठगों की कहानी

​​​​​एक वीडियो कॉल ने उजाड़​​​ दी जिंदगी! पहले अश्लील हरकतों का जाल बिछाया, फिर पुलिस अधिकारी बनकर दी धमकी, 14.63 लाख रुपये ऐंठने वाले चार ठगों की कहानी

एक अनजान वीडियो कॉल से शुरू हुआ यह मामला धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिसमें फंसकर एक व्यक्ति ने अपनी मेहनत की कमाई के 14 लाख रुपये से ज्यादा गंवा दिए। ठगों ने पहले अश्लील वीडियो कॉल के जरिए उसे अपने जाल में फंसाया और फिर उसी कॉल की रिकॉर्डिंग को हथियार बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी और यूट्यूब का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को ऐसी धमकियां दीं कि वह लगातार उनकी मांग पूरी करता रहा।

यह मामला दिल्ली का था, जहां एक गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में काम करने वाले मनजीत सिंह को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया था। आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर उन्हें कॉल की। बातचीत के दौरान अश्लील दृश्य दिखाए गए और दूसरे मोबाइल फोन से पूरी कॉल रिकॉर्ड कर ली गई। शुरुआत में पीड़ित को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यही रिकॉर्डिंग उसके लिए बड़ी मुसीबत बनने वाली है।

कुछ समय बाद ठगों ने नया खेल शुरू किया। कभी खुद को गुरुग्राम पुलिस का अधिकारी बताया तो कभी यूट्यूब का प्रतिनिधि बनकर संपर्क किया। आरोपियों ने पीड़ित को डराया कि अश्लील सामग्री देखने के मामले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो सकती है और उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इसके बाद रिकॉर्डिंग को यूट्यूब, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया मंचों से हटवाने तथा पुलिस कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी गई।

बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से मनजीत सिंह आरोपियों की बातों में आते चले गए। 11 से 27 सितंबर 2025 के बीच उन्होंने अपने और अपने भतीजे के बैंक खातों से अलग-अलग किस्तों में कुल 14 लाख 63 हजार 999 रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए। ठगों की मांग लगातार जारी रही, लेकिन बाद में पीड़ित ने अपने एक रिश्तेदार से पूरी घटना साझा की। इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो ठगी के पीछे मेवात से जुड़े साइबर अपराधियों के गिरोह का पता चला। जांच के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजस्थान के डीग जिले के जुर्हेरा निवासी इमरान खान, पंजाब के लुधियाना निवासी समद खान और तसलीम राजा तथा राजस्थान के अलवर निवासी अंकित सेन शामिल थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि इमरान गिरोह का प्रमुख सदस्य था, जबकि समद खान और तसलीम राजा की उससे ऑनलाइन गेम पबजी के जरिए पहचान हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड भी बरामद किए।

जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। संदिग्ध बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की 15 शिकायतें जुड़ी मिलीं। इन शिकायतों में एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का पता चला। इससे अंदाजा लगाया गया कि गिरोह केवल एक व्यक्ति को ही निशाना नहीं बना रहा था, बल्कि अलग-अलग जगहों पर इसी तरह लोगों को फंसाकर उनसे पैसे वसूल रहा था।

इस तरह एक वीडियो कॉल से शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की साजिश का पर्दाफाश हुआ और चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे। यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी किस तरह बदनामी और गिरफ्तारी का डर दिखाकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। किसी भी अनजान कॉल, रिकॉर्डिंग या कानूनी कार्रवाई की धमकी से घबराकर पैसे भेजने के बजाय तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करना जरूरी है।

सत्यम रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह कहानी पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। मामले की आगे की जांच जारी है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply