
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की महिला कॉन्स्टेबलों समेत कई महिलाओं को सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर धोखा देने के मामले में शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। विक्रांत तोमर नाम के आरोपी के खिलाफ अब 10 और महिलाओं ने पुलिस से संपर्क किया है। इनमें नौ महिला पुलिसकर्मी बताई गई हैं। शिकायतों के मुताबिक, इन महिलाओं से करीब 50 लाख रुपये की ठगी हुई है। इसके अलावा, एक नर्स ने आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।
इंस्टाग्राम पर खुद को बड़ा कारोबारी बताने का आरोप
प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए महिलाओं से संपर्क किया और कथित तौर पर खुद को बड़ा कारोबारी बताया। कुछ महिलाओं के साथ उसने शादी करने की बात भी कही। आरोप है कि भरोसा जीतने के बाद उसने अलग-अलग बहानों से उनसे पैसे लिए।
मामले की जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सेंट्रल जिला साइबर पुलिस के पास 10 और महिलाएं पहुंचीं। इनमें नौ महिला पुलिसकर्मी हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग थानों और इकाइयों में तैनात हैं। इनकी शिकायतें संबंधित जिलों की पुलिस को भेजी गई हैं, ताकि मामलों की जांच की जा सके।
नर्स ने लगाया शादी का झांसा देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं में एक निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्स भी शामिल बताई गई है। महिला के मुताबिक, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर उससे संपर्क किया और कहा कि वह अपनी जाति में शादी करना चाहता है, इसलिए विवाह में देरी हो रही है।
आरोप है कि आरोपी ने महिला को एक महंगे होटल में मिलने के लिए बुलाया। महिला ने शिकायत में दावा किया कि वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में बहाने से पांच लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद आरोपी ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी से जुड़ी खबर सामने आने के बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस अब इस शिकायत सहित अन्य मामलों की जांच कर रही है।
15 लाख रुपये लेने की शिकायत भी दर्ज
इससे पहले हरि नगर थाने में एक महिला कॉन्स्टेबल ने 15 सितंबर को आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उससे दो बार में कुल 15 लाख रुपये अलग-अलग बहानों से लिए थे।
रिपोर्ट में एक महिला कॉन्स्टेबल की आत्महत्या का भी उल्लेख है। आरोप लगाया गया है कि इस घटना का संबंध आरोपी से था। हालांकि, इस संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है और इसकी जांच से जुड़े आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
बैंक खातों के इस्तेमाल की भी जांच
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, 2022 और 2024 बैच की तीन महिला कॉन्स्टेबलों को भी कथित तौर पर इस मामले में धोखे का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने कुछ रकम महिला पुलिसकर्मियों के बैंक खातों में जमा कराई थी।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि कुछ शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर मामलों को सुलझाने या शिकायत आगे न बढ़ाने के लिए भी कथित तौर पर प्रयास किए गए। हरि नगर थाने में दर्ज मामले में आरोपी के दो सहयोगियों के नाम सामने आने की बात भी कही गई है।
पुलिस अब शिकायतों, पैसों के लेनदेन, बैंक खातों और आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। नई शिकायतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित धोखाधड़ी का दायरा कितना बड़ा है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें उल्लिखित आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।



