
नई दिल्ली: अगर आपने लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया है और अब कार चलाना सीख रहे हैं, तो सड़क पर निकलने से पहले इससे जुड़े नियम जानना जरूरी है। लर्निंग लाइसेंस मिलने का मतलब यह नहीं है कि आप बिना किसी शर्त के कार चला सकते हैं। इस दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है, वरना चालान और दूसरी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लर्निंग लाइसेंस पर अकेले कार चलाना सही है?
लर्निंग लाइसेंस उन लोगों को दिया जाता है, जो वाहन चलाना सीख रहे होते हैं। इसके तहत वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना जरूरी है। कार सीखते समय अपने साथ ऐसा व्यक्ति रखें, जिसके पास उस श्रेणी के वाहन को चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो और जो आपकी मदद कर सके।
सिर्फ लर्निंग लाइसेंस बनवा लेने के आधार पर सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस धारक की तरह बिना शर्त वाहन चलाने की अनुमति नहीं मिल जाती। इसलिए सड़क पर अभ्यास करने से पहले लागू नियमों की जानकारी जरूर लें।
कार के आगे और पीछे लगाएं ‘L’ का निशान
लर्निंग लाइसेंस पर वाहन चलाते समय कार के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से लाल रंग का ‘L’ निशान प्रदर्शित करना जरूरी है। इससे दूसरे वाहन चालकों को पता चलता है कि चालक अभी ड्राइविंग सीख रहा है।
निशान ऐसा होना चाहिए कि सड़क पर दूसरे लोगों को आसानी से दिखाई दे। यह नियम सीखने वाले चालक की पहचान के साथ सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
नियम तोड़ने पर कितना हो सकता है जुर्माना?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3 और 181 के तहत निर्धारित लाइसेंस संबंधी नियमों का उल्लंघन करके वाहन चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना या तीन महीने तक की कैद, अथवा दोनों का प्रावधान है। यह दंड हर लर्निंग लाइसेंस धारक पर अपने आप लागू नहीं होता, बल्कि उल्लंघन की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। <Cite refs={[“turn359348search25″,”turn359348search3”]}/>
इसलिए ड्राइविंग सीखते समय नियमों की अनदेखी न करें। केवल लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं है; उसके साथ लागू शर्तों का पालन करना भी जरूरी है।
दुर्घटना होने पर बीमा क्लेम में आ सकती है परेशानी
यदि लर्निंग लाइसेंस पर वाहन चलाते समय दुर्घटना हो जाती है और चालक ने जरूरी नियमों का पालन नहीं किया है, तो बीमा क्लेम को लेकर सवाल उठ सकते हैं। क्लेम स्वीकार होगा या नहीं, यह पॉलिसी की शर्तों, दुर्घटना की परिस्थितियों और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है।
इसलिए वाहन चलाते समय वैध बीमा, ट्रैफिक नियमों और लर्निंग लाइसेंस की शर्तों का ध्यान रखें।
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कब कर सकते हैं आवेदन?
लर्निंग लाइसेंस की वैधता आमतौर पर छह महीने होती है। इसके जारी होने के कम से कम 30 दिन बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित ड्राइविंग टेस्ट और अन्य जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। <Cite refs={[“turn359348search10″,”turn359348search6”]}/>
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध सरकारी नियमों और परिवहन विभाग की जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जुर्माने और प्रक्रिया से जुड़े मामलों में संबंधित राज्य के परिवहन विभाग के मौजूदा नियम भी जांच लें।



