
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बन गई। मार्च से पहले पार्टी ने विपक्ष के आंदोलन का समर्थन करने की बात कही थी, लेकिन मौके पर उसका कोई सदस्य नजर नहीं आया। अब पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि किसी आंदोलन का समर्थन करने के लिए एक ही मंच पर मौजूद रहना जरूरी नहीं है।
विपक्ष के मार्च में क्यों नहीं दिखे CJP के सदस्य?
आशुतोष रांका ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले सभी लोगों का उनकी पार्टी समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मुद्दों पर साथ होने का मतलब यह नहीं है कि सभी संगठनों को एक ही समय और एक ही जगह पर मौजूद रहना चाहिए।
रांका के मुताबिक, उनकी पार्टी अपने एजेंडे से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही है और सरकार पर अलग-अलग माध्यमों से दबाव बनाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों और CJP के बीच मतभेद दिखाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नई रणनीति के साथ आगे लौटेगी। उनके बयान से स्पष्ट है कि मार्च में शामिल नहीं होने के बावजूद CJP इस मुद्दे पर अपना समर्थन जारी रखने की बात कह रही है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर क्या है मामला?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
इस घटनाक्रम के बीच विपक्षी एकजुटता और अलग-अलग राजनीतिक संगठनों की भूमिका को लेकर सवाल उठे। CJP की गैरमौजूदगी पर पूछे गए सवाल के जवाब में आशुतोष रांका ने कहा कि किसी मुद्दे पर समर्थन जताने के कई तरीके हो सकते हैं और इसके लिए एक ही मंच पर उपस्थित होना अनिवार्य नहीं है।
फ्लाइट से हिरासत में लिए जाने पर आशुतोष रांका ने क्या बताया?
आशुतोष रांका ने बातचीत के दौरान अपनी हिरासत से जुड़ा घटनाक्रम भी साझा किया। उनके मुताबिक, फ्लाइट में हिरासत में लिए जाने के दौरान वहां मौजूद लोग हैरान थे। उन्होंने दावा किया कि मौके पर करीब 30 पुलिसकर्मी मौजूद थे और एयरलाइन के कर्मचारियों को भी इस कार्रवाई की पहले से जानकारी नहीं थी।
रांका के अनुसार, उन्हें और उनके साथियों को एक बस में ले जाया गया। इसके बाद उन्हें अलग-अलग निजी गाड़ियों से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि अभिजीत दीपके को वसंत कुंज एन्क्लेव, सौरव दास को आरके पुरम और उन्हें नजफगढ़ ले जाया गया था।
रांका का कहना है कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे तक नजफगढ़ में रखा गया, जिसके बाद उन्हें अभिजीत दीपके के पास ले जाया गया।
पुलिस के व्यवहार और वकील से संपर्क को लेकर लगाए आरोप
आशुतोष रांका ने कहा कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया और उनसे ठीक से बात की। उनके मुताबिक, पुलिस ने उन्हें खाना भी देने की पेशकश की थी।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में उन्हें अपने वकील से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। रांका के अनुसार, सुबह करीब तीन बजे उन्हें बताया गया कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है और इसके बाद वे अपने वकील से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता से बात करने की अनुमति मिली थी। सुबह करीब चार बजे पिता से बातचीत के दौरान उन्होंने वकील की व्यवस्था करने के लिए कहा।
पूरी रात अलग-अलग जगह ले जाने का किया दावा
रांका ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें पूरी रात अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। उनके मुताबिक, रात करीब 10:30 से 11:30 बजे के बीच उनकी मेडिकल जांच कराई गई और एक व्यक्ति उनका शुगर लेवल जांचने भी आया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें रात में दूसरे थाने ले जाया गया और करीब चार घंटे तक कार में बैठाकर रखा गया। रांका के अनुसार, उस दौरान उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई कर सकती है।
उन्होंने बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, शांति भंग नहीं करने की शर्त पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत उन्हें छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन करने से उन्हें रोका नहीं जा सकता।
इन आरोपों और हिरासत के दौरान हुई कार्रवाई के संबंध में पुलिस का पक्ष यहां उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
CJP ने नई रणनीति के साथ लौटने के दिए संकेत
आशुतोष रांका के बयान से संकेत मिलता है कि कॉकरोच जनता पार्टी विपक्ष के साथ अपने मुद्दों पर समर्थन जारी रखना चाहती है, लेकिन हर कार्यक्रम में उसकी प्रत्यक्ष भागीदारी जरूरी नहीं मानती।
वहीं, फ्लाइट से हिरासत में लिए जाने और पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनके दावों ने इस पूरे घटनाक्रम का एक दूसरा पहलू सामने रखा है। फिलहाल राजनीतिक मुद्दे पर समर्थन, विपक्षी दलों के बीच तालमेल और हिरासत से जुड़े आरोप इस मामले के प्रमुख बिंदु बने हुए हैं।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और संबंधित व्यक्ति के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। हिरासत से जुड़े आरोपों तथा घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।



