
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के अवसर पर गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में माफिया उन्मूलन के बाद अब नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे और जुए से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि इन बुराइयों के कारण अच्छे-खासे परिवार बर्बाद हो जाते हैं।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नशा नाश का कारण बनता है, जबकि जुआ इंसान को गुलाम बना देता है। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों का जीवन बर्बाद करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं को संदेश दिया कि वे नशे से दूर रहकर पढ़ाई, नौकरी और रोजगार पर ध्यान दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
वनटांगिया समाज के लिए 82 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं
दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री ने वनटांगिया समाज के लिए 82 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के लोगों के साथ खड़ी है और गांवों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता अच्छी पैदावार करें, सरकार उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकता है।
वनटांगिया गांवों के पुराने हालात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वनटांगिया समुदाय के पुराने हालात को याद किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 56 वनटांगिया गांव थे, जहां आजादी के बाद भी लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी रही। उनके मुताबिक, इन गांवों के लोगों को मतदाता सूची में नाम, सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, स्कूल, अस्पताल, पेंशन और पक्के मकान जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह पिछले 19-20 वर्षों से वनटांगिया गांवों में आते रहे हैं और पिछले 10 वर्षों से अयोध्या में दिवाली मनाने के बाद यहां पहुंचते हैं। उन्होंने लोगों से अपने पूर्वजों के इतिहास और परंपराओं को संजोकर रखने की अपील भी की।
2017 से पहले और अब के हालात की तुलना की
मुख्यमंत्री ने लोगों से सवाल किया कि क्या वर्ष 2017 से पहले गांव में पक्की सड़क, स्कूल, बिजली और पीने के पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा कि पहले इन सवालों का जवाब नहीं में मिलता था, जबकि अब लोगों को सड़क, राशन कार्ड, पक्का मकान, स्कूल और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के लिए परिवार ही प्राथमिकता रहा, जबकि उनकी सरकार विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर ध्यान दे रही है।
भगवान राम के अयोध्या लौटने का भी किया उल्लेख
दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी में दीपावली मनाई गई थी। इसी दौरान उन्होंने वनटांगिया समुदाय के लोगों के पुराने संघर्षों और उनके पूर्वजों को लंबे समय तक जंगलों में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने की बात भी कही।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट और मुख्यमंत्री के सार्वजनिक संबोधन में दी गई जानकारी पर आधारित है। भाषण में किए गए दावों और राजनीतिक टिप्पणियों को मुख्यमंत्री के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।



