उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है, लेकिन उससे पहले ही अयोध्या के राम मंदिर में चोरी का मामला सामने आ गया, जिससे सूबे की सियासत गरमा गई है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले कर रहा है. वहीं ये मामला कहीं न कहीं बीजेपी के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है. जिसे देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद सक्रिय हो गए हैं.

जानकारी के मुताबिक अयोध्या में आगामी 23 जुलाई को RSS और VHP की साधुसंतों के साथ एक बड़ी बैठक होने जा रही है. इस हाई प्रोफाइल बैठक को यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के सियासी नुकसान की भरपाई के साथ ही चढ़ावा चोरी से आहत हिंदू समाज को साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.
हिंदू समाज का भरोसा मजबूत करने पर फोकस
इस बैठक में श्रद्धालुओं के बीच पैदा हुई शंकाओं और भरोसा मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर से जुड़े विवाद के बाद कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं. ऐसे में बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच पैदा हुए भ्रम को दूर करना और उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. बैठक में हिंदू समाज का भरोसा मजबूत करने पर फोकस रहेगा. इसे डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है.
करीब 300 साधुसंत होंगे शामिल
बताया जा रहा है कि इस बैठक में करीब 300 साधुसंतों के शामिल होने की संभावना है. बैठक में विभिन्न अखाड़ों और मंदिरों के संतमहंतों के अलावा RSS और VHP के प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी भी शामिल होंगे. इस हाई प्रोफाइल बैठक को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. दोनों संगठनों के पदाधिकारी संत समाज से संपर्क कर उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं.
बैठक में SIT रिपोर्ट पर चर्चा
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान SIT रिपोर्ट और अब तक की कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. श्रद्धालुओं के भ्रम और अविश्वास दूर करने की रणनीति बनेगी. राम मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति का भी एक अहम विषय रहा है. ऐसे में मंदिर प्रबंधन से जुड़े किसी भी विवाद का असर जनभावनाओं और राजनीतिक माहौल दोनों पर पड़ सकता है.
22 जुलाई को ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की बैठक
यह अहम बैठक 22 जुलाई को होने वाली ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की बैठक के अगले दिन होने जा रही है. ये बैठक राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम में होगी. जहां तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. संतों की राय, रामकोट साधुसंतों की सहमति और राय के बाद ही आगे का रोडमैप तैयार किया जाएगा.
राम मंदिर में चोरी के बाद उठे सवालों और विपक्ष के हमलों के बीच यह बैठक श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना बड़ी चुनौती है. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव तैयारी में जुटी बीजेपी के साथ ही सभी हिंदुवादी संगठन भी की श्रद्धालुओं में उपजे अविश्वास को मिलकर दूर करने की कोशिश करने के लिए आगे आ रहे हैं.



