Satya Report: जब उम्र बढ़ने लगती है तो शरीर में कई तरह की परेशानियां भी होती हैं. जब व्यक्ति 60 साल की उम्र को पार कर लेता है तो कई लोगों में धीरे धीरे सुनने की क्षमता कम होने लगती है. उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता क्यों कम होती है? इसके लक्षण, कारण क्या हैं और कानों की मशीन की जरूरत कब पड़ती है. इस बारे में जानने के लिए हमने Maulana Azad Medical College में ईएनटी विभाग में एचओडी प्रोफेसर डॉ. रवि मेहर से बातचीत की है.

उम्र बढ़ने के साथ साथ कम क्यों होने लगती है इस बारे में डॉ रवि बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ कान के अंदर की सेल्स कमजोर होने लगती हैं. कुछ लोगों में डायबिटीज, हाई बीपी और लंबे समय तक शोर में रहने से भी ऐसा हो सकता है. जब सुनने की क्षमता कम होने लगती है तो धीरे धीरे इसके लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं. जिनपर समय पर ध्यान देकर ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है, ताकि समय रहते इस समस्या को ज्यादा बढ़ने से काबू में किया जा सके.
क्या होते हैं सुनने की क्षमता कम होने के लक्षण
सामान्य बातचीत सुनने में समस्या होना
इस वजह सेबारबार लोगों से बात दोहराने को कहना
टीवी या मोबाइल की आवाज सही से सुनाई न देना
भीड़ भाड़ में आवाज कम आना
क्या सुनने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है?
डॉ. रवि बताते हैं कि एक बार सुनने की क्षमता कम होने लगे तो इसको बढ़ाया नहीं जा सकता है, न ही इसे पूरी तरह रोकना संभव है, हां, रिस्क को कम किया जा सकता है. कान की मशीन का यूज किया जा सकता है. इसके लिए पहले हियरिंग टेस्ट कराएं. इसमें पता चल जाता है कि सुनने की क्षमता कितनी कम हो गई है. उस हिसाब से मशीन लगाने की सलाह दी जाती है.
कब यूज करें कान की मशीन
जब बातचीत करने में ज्यादा परेशानी होने लगे
बार बार किसी को बात दोहराने को बोलें
हियरिंग टेस्ट में मोडरेट से लेकर सीवियर हियरिंग लॉस आए
कान की मशीन के क्या फायदे हैं
ये सुनने में मदद करती है और बढ़ती उम्र में हियरिंग कम होने से होने वाले सोशल आईसोलेशन को कम करती है. अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग है और उनमें सुनने की क्षमता कम होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो इस मामले में समय रहते ईएनटी विशेषज्ञ से सलाह लें, ताकि बढ़ती उम्र में सुनने की क्षमता जो कम हो रही है उससे संबंधित रिस्क को कम किया जा सके.



