भारती एयरटेल के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद अहम खबर सामने आई है. साल 1995 में दिल्ली से जिस एयरटेल की नींव रखी गई थी, अब उसके भविष्य की नई रूपरेखा तय होने लगी है. कंपनी के मौजूदा चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील भारती मित्तल ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि अगले एक दशक यानी 10 सालों के भीतर वह एयरटेल की कमान नई पीढ़ी के हाथों में सौंप देंगे. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मित्तल ने कंपनी की अर्निंग कॉल में अपने इस बड़े फैसले का खुलासा किया. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को लेकर भी चिंता जाहिर की, जिसका असर कंपनी के बिजनेस पर कई मोर्चों पर पड़ रहा है.

10 साल का मास्टरप्लान
हाल ही में बुधवार को सुनील मित्तल को अगले 5 सालों के लिए फिर से भारती एयरटेल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. यह नया कार्यकाल 1 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगा, हालांकि इसे अभी शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है. 10 साल में कमान सौंपने का यह ऐलान दिखाता है कि कंपनी में लीडरशिप का यह बदलाव रातोंरात नहीं होगा, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से पूरी कमान ट्रांसफर की जाएगी. भारती एंटरप्राइजेज की शुरुआत करने वाले सुनील मित्तल फिलहाल एक एग्जीक्यूटिव क्षमता में चेयरमैन की भूमिका निभाते रहेंगे.
महंगे हो सकते हैं रिचार्ज
अर्निंग कॉल में मित्तल ने स्पष्ट किया कि वह प्रति ग्राहक औसत कमाई के मौजूदा आंकड़ों से खुश नहीं हैं और इसे बढ़ाने के लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे. भारत में एयरटेल के मोबाइल सर्विस सेगमेंट ने हालिया तिमाही में 28,831 करोड़ रुपये का राजस्व दिया, जो 8 फीसदी की बढ़ोतरी है. कंपनी का ARPU भी 5 प्रतिशत बढ़कर 245 रुपये से 257 रुपये पर पहुंच गया है. चेयरमैन के इस रुख का सीधा मतलब है कि भविष्य में कंपनी अपना मार्जिन सुधारने के लिए रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में इजाफा कर सकती है.
2 लाख करोड़ के पार पहुंचा रेवेन्यू
मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही के ताजा नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 33.5 प्रतिशत घटकर 7,325 करोड़ रुपये रह गया है. मुनाफा घटने की मुख्य वजह टैक्स और अन्य वैधानिक देनदारियों से जुड़ा वनटाइम प्रोविजन रहा. पिछले साल इसी अवधि में एकमुश्त मुनाफे के चलते यह आंकड़ा 12,476 करोड़ रुपये था. इन सब के बावजूद, कंपनी ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है. अफ्रीका के बिजनेस में आई 40 फीसदी की भारी उछाल के दम पर एयरटेल का सालाना राजस्व पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गया है.
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
भारत से लेकर अफ्रीका तक एयरटेल का दबदबा लगातार बढ़ रहा है. मार्च 2026 में कंपनी ने 65 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया. इसी के साथ एयरटेल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है और ऐसा करने वाली यह भारत की इकलौती टेलीकॉम कंपनी है. भारत में कंपनी के स्मार्टफोन डेटा यूजर्स में भी 2 करोड़ का इजाफा हुआ है. एक औसत एयरटेल ग्राहक अब हर महीने 25.1 जीबी के बजाय 31.4 जीबी डेटा खर्च कर रहा है. एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जिसमें सॉवरेन क्लाउड की लॉन्चिंग और लेंडिंग बिजनेस शुरू करने के लिए आरबीआई से मिली मंजूरी जैसे बड़े कदम शामिल हैं.



