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रिकॉर्ड महंगाई के बीच यूथ को भाया 9 कैरेट सोना, जानिए क्यों बढ़ा क्रेज

वित्त वर्ष 2026 में सोने की कीमतों में 52 फीसदी की भारी बढ़ोतरी और खपत में 21 फीसदी की गिरावट के कारण भारतीय ज्वैलरी बनाने वालों ने कम कैरेट वाली ज्वैलरी पर दांव लगाया है. ICRA के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में इसमें और 20 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है. ज्वैलर्स का कहना है कि 22कैरेट सोने की ज्वैलरी के दबदबे वाले बाजार में 9कैरेट ज्वैलरी की हॉलमार्किंग को मंजूरी मिलने से बाजार में नई संभावनाएं खुली हैं और यह धीरेधीरे लेकिन लगातार बढ़ रही है.

CaratLane के चीफ कैटेगरी मर्चेंडाइजिंग और डिजाइन ऑफिसर पीयूष सेठ ने एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में कहा कि 9 कैरेट ज्वैलरी की बिक्री हमारी उम्मीदों के मुताबिक बढ़ी है. सभी कैटेगरी में हमारी कुल ज्वैलरी सेल्स में इसकी हिस्सेदारी लगभग 510 फीसदी है और हमें उम्मीद है कि यह हिस्सेदारी और बढ़ेगी.

कामा ज्वेलरी की सेल्स VP सिमरन शाह ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि यह प्रोडक्ट कैटेगरी सेल्स में 25 फीसदी से ज्यादा का का योगदान दे रही है, इसके बाद 14कैरेट ज्वैलरी 20 फीसदी और 18कैरेट ज्वैलरी लगभग 1215 फीसदी के साथ है. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि शुरुआती साल में 9कैरेट कैटेगरी ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन आने वाले सालों में इसके और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.

बढ़ रही है 9 कैरेट ज्वेलरी

जानकारों ने पाया कि 14कैरेट ज्वेलरी की शुरुआती दिनों की तुलना में, 9 कैरेट कैटेगरी के बारे में जागरूकता बढ़ रही है और यह उम्मीद के मुताबिक ट्रेंड कर रही है. रिद्धिसिद्धि बुलियन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में कहा कि 14 और 18 कैरेट की तुलना में 9 कैरेट की सेल्स में बढ़ोतरी जबरदस्त होने के बजाय स्थिर रही है. कुल वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी अभी भी कम है, लेकिन यह 14 कैरेट की शुरुआती सालों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि इसकी शुरुआती कीमत बहुत कम है.

प्योरिटी बनाम कीमत

  • 24 कैरेट सोने में 99.9 फीसदी शुद्धता होती है
  • 22 कैरेट, जो ज्वेलरी के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, उसमें 91.6 फीसदी शुद्ध सोना होता है
  • 18 कैरेट में 75 फीसदी शुद्ध सोना होता है
  • 14 कैरेट में 58.5 फीसदी शुद्ध सोना होता है
  • 9 कैरेट में 37.5 फीसदी शुद्ध सोना होता है

वेरलास ज्वेलरी की डिज़ाइन हेड जिया ढोलकिया ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि जबकि 22 कैरेट सोने में लगभग 91.67 फीसदी सोना होता है, 9कैरेट सोने में 37.5 फीसदी शुद्ध सोना होता है. सोने की मात्रा कम होने के कारण 9 कैरेट सोना खरीदारों को कीमत के मामले में काफी फायदा देता है. उन्होंने बताया कि कुल कीमत पर सिर्फ सोने की मात्रा का ही असर नहीं पड़ता है. इसमें कारीगरी, मेकिंग चार्ज, डिज़ाइन की बारीकियां और उस पीस में इस्तेमाल किए गए किसी भी हीरे या रत्न की कीमत भी शामिल होती है.

कौन खरीद रहा है 9 कैरेट सोना?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 9 कैरेट की ज्वेलरी यूथ, पहली बार खरीदने वालों और पैसे की सही कीमत चाहने वालों के बीच एक लोकप्रिय पसंद है. IBJA के कोठारी ने कहा कि खरीददार आमतौर पर युवा कामकाजी पेशेवर हैं अक्सर पहली नौकरी करने वाले, कॉलेज जाने वाले, या ऐसे लोग जो विरासत में मिली ज्वेलरी के बजाय अपना पहला गहना खरीद रहे होते हैं. इनमें शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों के लोग ज्यादा होते हैं. वे कीमत को लेकर जागरूक हैं, लेकिन फिर भी बिना ब्रांड या बिना हॉलमार्क वाली चीज के बजाय सर्टिफाइड और भरोसेमंद प्रोडक्ट ले रहे हैं.

ऑगमॉन्ट के ‘अकोइराह’ के डायरेक्टर आरव बाफना ने कहा कि इस समय, 9 कैरेट को पारंपरिक निवेश के तौर पर खरीदने के बजाय एक सुलभ लाइफस्टाइल कैटेगरी के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, कैज़ुअल वियर की यह कैटेगरी अभी भी शादियों, त्योहारों और शुभ दिनों की खरीदारी का सीधा हिस्सा बनने से काफी दूर है, जो भारत में सोने की कुल खपत का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा हैं.

बाफना ने कहा कि निकट भविष्य में, सांस्कृतिक पसंद और निवेश के नजरिए से इसकी अहमियत के कारण शादियों और त्योहारों पर होने वाली बड़ी खरीदारी में 22कैरेट ज्वेलरी का ही दबदबा बना रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि 9कैरेट के लिए सबसे अच्छा मौका गिफ्ट देने, खुद के लिए खरीदने और फैशनबेस्ड फेस्टिव कलेक्शन में है. यह पारंपरिक बाजार की जगह लेने के बजाय उसका पूरक है.

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