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उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश नहीं बंटने देंगे, भ्रम फैला रहा विपक्ष: अमित शाह

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सरकार का रुख साफ किया है. इस दौरान जहां शाह ने कहा कि देश में 127 सीटें ऐसी भी हैं, जहां पर 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं. परिसीमन होने से वोटों के मूल्य बराबर हो जाएगा. शाह ने इस दौरान विपक्ष पर हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है. वो उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश नहीं बंटने देंगे.

उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश नहीं बंटने देंगे, भ्रम फैला रहा विपक्ष: अमित शाह
उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश नहीं बंटने देंगे, भ्रम फैला रहा विपक्ष: अमित शाह

बिल पर चर्चा के दौरान शाह ने इसे विस्तार से समझाते हुए कहा कि ऐसा करने से मतदाता-प्रति-सांसद (voter-per-MP) अनुपात को सही करने और आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सीटों का परिसीमन जरूरी है. अमित शाह ने आगे कहा कि कुछ जगहों पर 45 लाख मतदाताओं का एक प्रतिनिधि होता है, तो कुछ जगहों पर छह लाख मतदाताओं का एक प्रतिनिधि. इसका नतीजा यह होता है कि अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में हर वोट का मूल्य बराबर नहीं होता. इसी को देखते हुए इसीलिए परिसीमन जरूरी है. शाह ने कहा जो सदस्य इस परिसीमन का समर्थन कर रहे है वे उनका धन्यवाद करते हैं. लेकिन जो विरोध कर रहे हैं उन्हें सोचना चाहिए वो ऐसा क्यों कर रहे हैं.

शाह ने इंदिरा गांधी सरकार का क्यों किया जिक्र?

शाह ने कहा कई सारे सदस्यों ने अनेक प्रकार की आशंकाएं व्यक्त कीं कि परिसीमन अभी क्यों लाया जाए? तो मैं बता दूं कि जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया है, उसमें जिक्र है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद जो परिसीमन होगा, उसमें महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा. अब ये कहते हैं कि बिल लाते समय ऐसा जिक्र क्यों किया गया? यह हमने नहीं किया। 1971 में इंदिरा गांधी की सरकार थी, तब वे इसे फ्रीज करके गई थी, वह फ्रीज की गई सीटों की संख्या उठाते हैं तभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन होता है इसलिए हम इसे लेकर आए. उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य 2029 तक महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करना है, ताकि महिलाओं को राजनीति में ज्यादा अवसर मिल सकें.

इंडी अलायंस पर बरसे शाह

अमित शाह ने कहा कि इस चर्चा को अगर बारीकी से कोई सुनेगा तो महिला आरक्षण के लिए जो संविधान संशोधन है, उसका कोई विरोध नहीं करेगा. ज्यादातर ने कहा है कि यह संविधान संशोधन जो आया है, उसका हम स्वागत करते हैं. लेकिन इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है.

इंडी अलायंस वाले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग खड़ी करना चाहते हैं और ये संविधान की बात करते हैं. कोई मुझे बता दे कि संविधान के किस अनुच्छेद में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है.

अमित शाह ने बिल लाने के 3 उद्देश्य बताए

उन्होंने आगे बताया कि इस बिल के लाने के तीन उद्देश्य हैं. पहला उद्देश्य- महिला सशक्तिकरण करने वाले इस संविधान सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू करके 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराया जाए. दूसरा उद्देश्य- एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य के सिद्धांत को लागू किया जाए. इस पूरे सदन में 543 सदस्य बैठते हैं. किसी की सीट में वोटर्स की संख्या 39 लाख हैं तो किसी में 60 हजार हैं और बहुत सारी सीटें ऐसी हैं कि 70 के दशक में फ्रीज हो गया है तो अबतक इतनी बड़ी हो चुकी हैं कि सांसद अपने वोटर्स को मुंह तक नहीं दिखा सकता है. तीसरा उद्देश्य इसे ठीक करना है.

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