Satya Report: Shivpuri News: खबर मध्य प्रदेश के शिवपुरी से हैं. यहां तेंदुआ थाना क्षेत्र के अंतगर्त आने बाले डेहरवारा में बुधबार दोपहर करीब 3 बजे एक बुजुर्ग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वो भी उनकी 13 साल की नातिन के सामने. आरोपी युवक शादी के कार्ड देने के बहाने महिला के घर पहुंचे थे. उन्होंने दरवाजा खटखटाया. जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला. पहले एक युवक ने उनके पैर छुए. फिर सीधे कनपटी पर बंदूक तानकर गोली चला दी. महिला की इससे मौत हो गई. जबकि, हमलावर हत्या को अंजाम देकर भाग गए.

हत्या के पीछे महिली के सौतेले बेटों पर शक जताया जा रहा है. लोगों का कहना है कि झगड़ा जमीन के टुकड़े को लेकर था. इस हत्या के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल में जुड़ी है.
जानकारी के मुताबिक, तीन हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया है. वो बुधवार दोपहर को शादी का कार्ड देने के बहाने आए. दरवाजा खुलवाया. फिर बुजुर्ग महिला के पैर छूकर सिर पर गोली मार दी. महिला जैसे ही घायल हुई, परिवार वाले उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे. मगर वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, मृतका रामसखी धाकड़ के पति लक्ष्मी नारायण धाकड़ ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद करीब 35 साल पहले रामसखी धाकड़ से दूसरी शादी की थी. पहली पत्नी से उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं. जबकि रामसखी अपने पहले पति से जन्मे बेटे मुनेश को बाल अवस्था में अपने साथ लाई थीं. इसके बाद रामसखी मां नहीं बन सकीं. वर्तमान में मुनेश धाकड़ इंदौर में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है और पिछले महीने अपनी मां के इलाज के लिए गांव आया हुआ था.
दादी के सिर में गोली लगते ही मासूम की निकली चीख .
रामसखी धाकड़ अपनी नातिन राधिका धाकड़ के साथ घर में मौजूद थीं. राधिका के अनुसार, तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए और शादी का कार्ड देने के के लिए दरवाजा खटखटाया. बोले- अम्मा दरवाजा खोलो, शादी का कार्ड देना है. घर में मौजूद दादी ने दरवाजा खोला. हथियारबंद हमलावरों में से एक ने दादी के पैरों को छूकर प्रणाम किया. फिर अचानक आई गोली की आवाज से उनकी चीख निकल गई. जैसे ही राधिका ने देखा कि दादी गोली लगने से गिर गई हैं, वो भी चीखने लगी.
वहीं, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए. चीख सुनकर राधिका की मां मौके पर पहुंचीं तो देखा उसकी सास खून से सनी हुई जमीन पर पड़ी थीं. रामसखी के भाई महेश धाकड़ ने हत्या के पीछे जमीनी विवाद की आशंका जताई है. उन्होंने बताया कि बहनोई लक्ष्मी नारायण के नाम करीब 35 बीघा जमीन थी जो पहली पत्नी के पांच बच्चों और रामसखी के बीच बंट गई थी.
रामसखी अपने हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं और नामांतरण की प्रक्रिया भी चल रही थी. लेकिन लक्ष्मी नारायण के बेटे शिवराज साहब सिंह और राम कृष्ण इसका विरोध कर रहे थे. आरोप है कि नामांतरण से पहले ही साजिश रचकर रामसखी की हत्या करवा दी गई.
सौतेले बेटों ने उतार दिया मां को मौत के घाट
महेश धाकड़ ने बताया कि उनकी बहन ने अपने सौतेले बच्चों को भी सगे बच्चों की तरह पाला-पोसा था. लेकिन आज उन्हीं पर हत्या कराने का आरोप लग रहा है. उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर की यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है. बताया जा रहा है कि उनके बहनोई लक्ष्मी नारायण की ग्वालियर में बीमारी के चलते मौत हो गई थी. उस समय रामसखी और शिवराम उनके साथ थे.
मामले में क्या बोली पुलिस?
इस मामले में तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ का कहना है कि अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल मामला बेहद संवेदनशील है और जांच के दायरे में है इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता.



