बिगड़े हुए लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण दुनिया भर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लोग शिकार बन रहे हैं. इस प्रॉब्लम को कंट्रोल न किया जाए तो हार्ट अटैक या दिल की दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती है. हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए डाइट में ये बदलाव करें.

लाइफस्टाइल में की गई गलतियों की वजह से आज के समय में लोग छोटी उम्र में ही बैड कोलेस्ट्रॉल का शिकार बन रहे हैं. ये छिपी हुई हेल्थ प्रॉब्लम है जिसे टाइम रहते ट्रीट न किया जाए तो हार्ट अटैक की कंडीशन भी बन सकती है. हमारी नसों में कोलेस्ट्रॉल जम जाए तो ब्लड फ्लो में समस्या आती है. ऐसे में बीपी पर असर पड़ता है और सिचुएशन दिल के दौरे की बन जाती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि ऐसी चीजें खानी चाहिए जिनमें ऑयल की मात्रा कम हो और फाइबर समेत कई न्यूट्रिएंट्स भी मौजूद हो. कोलेस्ट्रॉल के दो टाइप होते हैं जिसमें एलडीएल और एचडीएल के नाम शामिल है.
हाई कोलेस्ट्रॉल से बनने वाले खतरे
सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोलेस्ट्रॉल के कई कारण हो सकते हैं. टाइप 2 डायबिटीज- ये शुगर का एक कॉमन टाइप है जिसके होने पर एचडीएल का लेवल घटता है और लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन यानी एचडीएल का लेवल बढ़ता है. एचडीएल के घटने और एलडीएल के बढ़ने जैसे खतरानाक कॉम्बिनेशन की वजह से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बना रहता है.
इसलिए कहा जाता है कि हाई कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए वजन को कंट्रोल में रखना भी जरूरी है. दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम जैसे Familial Hypercholesterolemia भी बैट कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बहुत अधिक बढ़ा सकती हैं.
इन गलतियों से बढ़ता है हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा
राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान है, आजकल लोग जंक फूड ज़्यादा खा रहे हैं. रेड मीट, बेकरी प्रोडक्ट्स भी खा रहे हैं उनके ट्रांसफैट होता है जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है. अगर किसी के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो ये चीजें न खाएं.
डाइट में शामिल करें ये खाने की चीजें
इसकी जगह फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त आहार अपनाना जरूरी है. फाइबर से भरपूर चीजें जैसे खीरा और दूसरी हरी सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाएं.
हाई कोलेस्ट्रॉल के होने पर फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, फल (सेब, संतरा) और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा गुड फैट्स वाली चीजें जैसे बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और ऑलिव ऑयल को डाइट में शामिल करें. प्रोटीन के लिए दालें, राजमा, चना, सोया और लो-फैट दूध लें.
इस प्रॉब्लम के खतरे को कम करने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड बेहद जरूरी है. वेजिटेरियन हैं तो ओमेगा-3 के लिए चिया सीड्स को भिगोकर खाने की आदत डालें. फल और सलाद को भी रोजाना की डाइट में शामिल करें. रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें.