
दौसा. राजस्थान में अपराध से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई मंगलवार सुबह दौसा जिले में देखने को मिली. मानपुर इलाके में पुलिस ने कुछ संदिग्ध बदमाशों को हथियारों के साथ डिटेन किया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये सभी बदमाश उत्तर प्रदेश से आए थे और इन पर कोटा में एक हार्डकोर बदमाश की हत्या की साजिश रचने का शक जताया जा रहा है. हालांकि उनका प्लान किसी वजह से सफल नहीं हो सका और इसके बाद ये वापस उत्तर प्रदेश लौट रहे थे. इसी दौरान दौसा पुलिस ने उन्हें मानपुर इलाके में पकड़ लिया.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. पकड़े गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि उनका असली मकसद क्या था, वे किन लोगों के संपर्क में थे और उनके पास मिले हथियारों का इस्तेमाल कहां किया जाना था.
कोटा में वारदात की थी तैयारी, लेकिन बीच में बदल गया पूरा घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पकड़े गए बदमाश उत्तर प्रदेश से राजस्थान पहुंचे थे. पुलिस को शक है कि उनका निशाना कोटा का एक हार्डकोर बदमाश था. बताया जा रहा है कि हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी, लेकिन किसी कारण से यह वारदात नहीं हो सकी. इसके बाद आरोपी वापस लौटने लगे. इसी दौरान उनकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंची. सूचना के आधार पर दौसा जिले के मानपुर इलाके में पुलिस ने घेराबंदी की और संदिग्ध लोगों को हथियारों के साथ पकड़ लिया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास कौन-कौन से हथियार मिले हैं और वे उन्हें कहां से लेकर आए थे.
मानपुर डीएसपी की मौजूदगी में कार्रवाई, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
पूरी कार्रवाई मानपुर डीएसपी धर्मराज सिंह की मौजूदगी में की गई. पुलिस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है. इसके साथ ही सभी संदिग्धों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे मामले में किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं.
एसपी बोले, जल्द साझा करेंगे पूरी जानकारी
दौसा पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि पुलिस ने कुछ बदमाशों को पकड़ा है. फिलहाल जांच जारी है और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी कुछ देर बाद साझा की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि पुलिस किसी बड़े अपराध को होने से पहले ही रोकने में सफल रही. हालांकि अभी तक पुलिस ने आरोपियों की पहचान, बरामद हथियारों की संख्या या कथित साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है. ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस की विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग पर है, जिसमें इस पूरे मामले से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आ सकते हैं.



