
धनतेरस का पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसे धनत्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है। साथ ही सोना-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी भी की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में धनतेरस पर शुक्र प्रदोष और हस्त नक्षत्र का संयोग बताया जा रहा है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ समय, सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त और इस दिन खरीदी जाने वाली शुभ वस्तुओं के बारे में।
धनतेरस 2026 की तिथि और नक्षत्र
पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 7 नवंबर की सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
इस दिन शुक्रवार होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष का संयोग बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा के लिए शाम का समय विशेष माना गया है। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट बताई गई है।
- पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक
- वृषभ काल: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
इस दौरान माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ समय
धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने की विशेष परंपरा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 7 नवंबर को सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक खरीदारी का शुभ समय बताया गया है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, खरीदारी का समय स्थानीय पंचांग और शहर के अनुसार अलग हो सकता है।
प्रमुख शहरों में धनतेरस पूजा का मुहूर्त
अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और स्थानीय पंचांग की गणना के कारण पूजा के समय में अंतर हो सकता है। दिए गए विवरण के अनुसार प्रमुख शहरों में पूजा का समय इस प्रकार है:
| शहर | पूजा का समय |
|---|---|
| मुंबई | शाम 6:35 से 8:35 बजे |
| नई दिल्ली | शाम 6:02 से 7:57 बजे |
| नोएडा | शाम 6:01 से 7:57 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:14 से 8:10 बजे |
| जयपुर | शाम 6:11 से 8:07 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:15 से 8:13 बजे |
| पुणे | शाम 6:32 से 8:31 बजे |
| गुरुग्राम | शाम 6:03 से 7:59 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:28 से 7:26 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:25 से 8:20 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:30 से 8:28 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 6:00 से 7:54 बजे |
धनतेरस पर क्या-क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस के दिन कई तरह की वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन निम्नलिखित चीजें खरीदना शुभ माना जाता है:
- सोने और चांदी के आभूषण
- तांबे, पीतल और अन्य धातुओं के बर्तन
- मिट्टी के दीपक
- इलेक्ट्रॉनिक सामान
- वाहन और संपत्ति
- श्रीयंत्र
- झाड़ू और नमक
- हल्दी, धनिया के बीज और नए वस्त्र
खरीदारी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार करनी चाहिए। किसी वस्तु को खरीदना अनिवार्य नहीं है।
धनतेरस क्यों मनाया जाता है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसी कारण धनतेरस के दिन उनकी पूजा करके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की जाती है।
इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। इसके अलावा, शाम के समय यमदीपदान करने की परंपरा है। मान्यता है कि घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज से परिवार की सुख-शांति और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए मुहूर्त और समय उपलब्ध पंचांग विवरण पर आधारित हैं। शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है। पूजा या खरीदारी से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें। धार्मिक मान्यताओं की जानकारी सामान्य उद्देश्य से Satya Report द्वारा प्रस्तुत की गई है।



