अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है. पहले CEO के लिए नामों का पैनल तैयार कर लिया गया है और चयन समिति ने इन नामों पर अपनी मुहर भी लगा दी. समिति की ओर से आज मंगलवार को ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को नामों का यह पैनल सौंपा जाएगा. इन्हीं में से एक को CEO बनाया जाएगा.

चयन समिति के तीनों सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं. ट्रस्ट की कल बुधवार को अहम बैठक होने वाली है जिसमें इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा. ट्रस्ट चयनित किए गए लोगों में से किसी एक नाम नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा. यह CEO राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा और वित्तीयप्रबंधन से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां संभालेगा.
चंदा चोरी के बाद CEO चयन की प्रक्रिया
राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पहले CEO के लिए चयन की प्रक्रिया शुरू की. इसके लिए 5,585 लोगों ने आवेदन किए थे और फाइनल राउंट में 16 उम्मीदवार पहुंचे थे. अब सभी की निगाहें उन नामों पर हैं जिन्हें चयन समिति ने अपने पैनल में रखा है.
पहले CEO की रेस में फिलहाल कुछ नाम लगातार चर्चा में रहे हैं. पूर्व IPS अफसर राजेश पांडेय और पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा के नाम पहले से चर्चा में रहे हैं. लेकिन फाइनल नाम ट्रस्ट की कल की बैठक के बाद ही तय हो पाएगा. पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय का 2 बार इंटरव्यू लिया गया. साथ ही बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना भी इंटरव्यू में शामिल हुए थे.
आफले के पहले सचिव की नियुक्ति पर भी फैसला
ऐसे में कल की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. 2 सितंबर की इस बैठक में राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है. ट्रस्ट ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का भी प्रस्ताव भेजा हुआ है जिस पर 2 सितंबर को ट्रस्ट की अगली बैठक में इसकी पुष्टि होने की संभावना है.
इससे पहले पिछले महीने 13 अगस्त को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति के लिए चयन समिति ने अपने उम्मीदवारों के साथ इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली थी. समिति की ओर से 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया गया. उम्मीदवारों में सेना के रिटायर अधिकारियों के अलावा पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं.
पूर्व जज की अगुवाई वाली समिति ने लिए इंटरव्यू
इस बारे में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने बताया था कि ट्रस्ट, चयन समिति द्वारा 3 नामों की सिफारिश से अंतिम नियुक्ति करेगा. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली की अगुवाई वाली इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे भी शामिल हैं.
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ये इंटरव्यू राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में लिए जा रहे हैं क्योंकि ट्रस्ट राम मंदिर का प्रशासन और कामकाज देखने के लिए पूर्णकालिक CEO का चयन करना चाहता है. समिति ने उम्मीदवारों से इंटरव्यू के दौरान अलगअलग सवाल पूछे, जिनमें मंदिर व्यवस्था के कामकाज और प्रबंधन पर केंद्रित थे.
अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी के ढेरों आरोप लगने के बाद पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति करने का फैसला लिया गया. चंदा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में रहा.


