इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉटफिक्सिंग और अनधिकृत संपर्क रोकने के लिए भ्रष्टाचाररोधी और सुरक्षा इकाई ने इस बार निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ा दी हैं। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को मिली जानकारी के अनुसार, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैच के दिनों में स्मार्ट ग्लास, स्मार्ट सनग्लास और रिकॉर्डिंग या संचार तकनीक से लैस दूसरे पहनने वाले डिवाइस इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी गई है।

ACSU को आशंका है कि ये डिवाइस लाइवस्ट्रीमिंग, मैसेजिंग और गुप्त बातचीत के जरिये IPL की इंटीग्रिटी के लिए खतरा बन सकते हैं। IPL की एसीएसयू ने T20 लीग के मौजूदा सीजन में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है।
सूत्रों ने बताया कि ACSU ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इसकी जानकारी दी है कि कई कंपनियां में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों और टीम के सदस्यों को स्मार्ट आईवियर प्रोडक्ट्स की जोरशोर से मार्केटिंग और बिक्री कर रही हैं। ACSU आईपीएल में ईमानदारी पर नजर रखने, स्पॉटफिक्सिंग को रोकने और सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
स्मार्ट डिवाइस से LIVE स्ट्रीमिंग का ‘खतरा’
सूत्रों के अनुसार, ACSU ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया है कि ये स्पार्ट डिवाइस मोबाइल डेटा या WiFi नेटवर्क के जरिये लाइवस्ट्रीमिंग करने, टेक्स्ट मैसेज भेजने और पाने और ऑडियो व वीडियो कॉल करने में सक्षम हैं, जिससे मैचों के दौरान अनधिकृत संचार और संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। IPL के ‘खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र ’ के न्यूनतम मानकों के तहत, ऐसे डिवाइसों को ‘ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस’ और ‘संचार डिवाइस’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
PMOA के अंदर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पूरी तरह से मना
ACSU ने फिर से दोहराया है कि के अंदर स्मार्ट ग्लास और इसी तरह की पहनने वाली टेक्नोलॉजी रखना या इस्तेमाल करना पूरी तरह से मना है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि मैच के दिनों में प्रतिबंधित इलाकों में घुसने से पहले वे अपने मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच के साथसाथ ऐसे डिवाइस भी सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर के पास जमा करा दें। सूत्रों ने बताया कि इन निर्देशों का पालन न करने पर PMOA के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऑपरेशनल नियमों के तहत सजा भी मिल सकती है।
एडवांस टेक्नोलॉजी ने चिंताएं भी बढ़ाईं
सूत्रों ने कहा, ‘‘जैसेजैसे पहनने वाली टेक्नोलॉजी ज्यादा एडवांस होती जा रही है और चोरीछिपे बातचीत करने के तरीकों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, ACSU की यह ताजा सख्ती इस बात को दिखाती है कि दुनिया के सबसे ज्यादा कमर्शियल महत्व वाले क्रिकेट लीग लगातार बदलते हुए इंटीग्रिटी से जुड़े जोखिमों से एक कदम आगे रहने की कोशिश कर रही है।’’
यह ताजा निर्देश ACSU की ओर से मौजूदा सीजन के दौरान लागू किए गए कड़ी निगरानी के उपायों की एक शृंखला के बीच आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की ने टीम के डगआउट में अनाधिकृत लोगों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई थी।
इसके बाद ने सभी IPL टीमों को एक एडवाइजरी भेजी और सभी फ्रेंचाइजियों के CEO की एक मीटिंग बुलाई ताकि उन्हें प्रोटोकॉल की याद दिलाई जा सके। सूत्रों ने बताया कि ACSU ने विशेष रूप से उन लोगों के बारे में चिंता जताई थी जो खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ अनौपचारिक संपर्क बनाने के लिए डगआउट और हॉस्पिटैलिटी एरिया के पास घूमने की कोशिश कर रहे थे।
टीमों को दी गई थी सलाह
टीमों को सलाह दी गई थी कि वे यह सुनिश्चित करें कि नेट बॉलर, लॉजिस्टिक्स स्टाफ, थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट और अन्य अस्थायी कर्मचारी स्वीकृत एक्सेस प्रोटोकॉल के दायरे में ही रहें और संवेदनशील क्षेत्रों में कोई भी अनाधिकृत संचार उपकरण न ले जाएं।
ACSU ने हाल ही में खिलाड़ियों और टीम के सदस्यों द्वारा प्रतिबंधित जगहों के अंदर और आसपास वेपिंग और धूम्रपान से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई थी। सूत्रों ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया था कि टीमों को सलाह दी गई है कि वे होटल के आसपास और आम लोगों के आनेजाने वाली जगहों पर बेवजह घूमनाफिरना कम करें; भ्रष्टाचाररोधी निगरानी के नजरिये से इन जगहों को संवेदनशील माना जाता है।
एसीएसयू इन क्षेत्रों को मानता है जरिया
ACSU लंबे समय से होटल की लॉबी, कैफे, स्मोकिंग जोन और मैच के बाद मेहमाननवाजी वाली जगहों जैसी अनौपचारिक जमावड़े वाले स्थानों को सट्टेबाजों और अनाधिकृत एजेंटों के संपर्क का संभावित जरिया मानता रहा है।
IPL 2026 से पहले खिलाड़ियों को बारबार चेतावनी दी गई थी कि वे तोहफे स्वीकार न करें, बिना बताए किसी भी तरह के कमर्शियल काम में हिस्सा न लें और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या निजी कार्यक्रमों के जरिये अनजान लोगों से बातचीत न करें।
2013 के फिक्सिंग कांड के बाद से BCCI सतर्क
IPL का भ्रष्टाचाररोधी ढांचा 2013 के स्पॉटफिक्सिंग कांड के बाद से लगातार विकसित हुआ है। उस कांड के बाद खिलाड़ियों की निगरानी और टूर्नामेंट की सुरक्षा में बड़े पैमाने पर सुधार किये गए थे। पिछले कुछ वर्षों में ACSU ने टीम के होटलों, ड्रेसिंग रूम, अभ्यास स्थलों और डगआउट के आसपास अपनी निगरानी का दायरा बढ़ाया है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस का कोई भी खिलाड़ी ऑरेंज या पर्पल कैप की रेस में नहीं था। टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रयान रिकेल्टन सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में 17वें नंबर पर हैं। लेगस्पिनर अल्लाह गजनफर विकेट लेने वालों में 14वें नंबर पर हैं।



