
बरेली में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए कथित नकली यौनवर्धक दवाएं बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी Instagram पर ‘Herbal and Jari Booti’ नाम से प्रोफाइल चलाते थे और खुद को डॉक्टर व पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ बताकर लोगों को दवाएं बेचते थे। ग्राहकों से कथित शक्तिवर्धक दवाओं के नाम पर 250 से 300 रुपये या उससे अधिक रकम लिए जाने की बात सामने आई है।
आठवीं पास युवक बनता था डॉक्टर
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में 24 वर्षीय समीरुद्दीन और 25 वर्षीय यूसुफ शामिल हैं, जबकि गिरोह का एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। जांच में पुलिस को पता चला कि समीरुद्दीन ने कथित तौर पर केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है, लेकिन वह फोन पर ग्राहकों से डॉक्टर बनकर बातचीत करता था।
आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे। इसके बाद ऑनलाइन ऑर्डर लिया जाता और UPI के माध्यम से भुगतान हासिल करने के बाद दवाओं को पार्सल के जरिए भेजे जाने का आरोप है।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने राजीव एन्क्लेव स्थित एक मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कथित नकली दवाओं के 85 पैकेट, 12 मोबाइल फोन, कंप्यूटर, मॉनिटर, प्रिंटर और पैकिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की गई।
इसके अलावा पुलिस को कथित फर्जी लाइसेंस, 14 ATM कार्ड, छह चेकबुक और करीब 1.99 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
फरार आरोपी और सप्लायरों की तलाश
पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है। इसके साथ ही कथित दवा सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े थे और कितने ग्राहकों तक दवाएं पहुंचाई गईं।
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही कथित दवाओं की वास्तविक प्रकृति और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर स्पष्ट होगी। ऐसी किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के लेना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब बेचने वाला व्यक्ति अपनी मेडिकल योग्यता या दवा की प्रमाणिकता साबित न कर सके।



