
बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देते हुए दुनिया भर के यहूदियों को संदेश भेजा है। नेतन्याहू ने कहा कि ,यहूदी डरे नहीं बल्कि डटकर खड़े हों। नेतन्याहू ने कहा कि वो दिन बीत गए हैं जब यहूदी बेबस और शिकार थे।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुरुवार को अपना भाषण दिया। इस भाषण में नेतन्याहू ने गाजा में संघर्ष, ईरान जंग और यहूदियों के प्रति बढ़ रहे विरोध पर खुलकर बात की। भाषण से पहले इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पीएम नेतन्याहू जैसे ही मंच पर भाषण देने के लिए पहुंचे भारी संख्या में डिप्लोमेट्स ने अपनी कुर्सी छोड़ दी और जनरल असेंबली से वॉक आउट कर दिया। इसके बाद भी नेतन्याहू ने अपना भाषण दिया ओर विरोधियों पर जमकर बरसे। उन्होंने यूएन के मंच से दुनियाभर के यहूदियों को संदेश दिया है।
नैतिक कायर बाहर चला जाए- नेतन्याहू
दरअसल, UN में कई देशों के डिप्लोमेट्स ने वेस्ट बैंक पर नेतन्याहू की नीतियों को लेकर विरोध जताया है। हालांकि, जब डिप्लोमेट्स सदन के बाहर जा रहे थे तब पीछे बैठे कुछ इजरायल समर्थकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और हिब्रू भाषा में ‘अम इस्रायल चाई’ यानी इजराइल के लोग जिंदा हैं के नारे लगाए।इसके बाद नेतन्याहू ने हॉल छोड़कर जा रहे लोगों पर तंज कसते हुए कहा- “अगर कोई दूसरा नैतिक कायर अभी भी इस हॉल में बचा है, तो प्लीज बाहर चला जाए।”
गाजा में नरसंहार का आरोप सबसे बड़ा झूठ
बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भाषण की शुरुआत ईरान पर हमला बोलने से की। ईरान के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के परमाणु सुविधाओं को तबाह करना बहुत मुश्किल था। लेकिन मेरे लिए ये प्रधानमंत्री के तौर पर लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक था। क्योंकि अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो हम सब मर चुके होते। नेतन्याहू ने गाजा में नरसंहार के आरोपों को सदी का सबसे बड़ा झूठ बताते हुए खारिज कर दिया और हमास पर आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। बता दें कि नेतन्याहू ने इस दौरान ये भी कहा कि ईरान में जल्द ही कुछ ‘अविश्वसनीय’ होने वाला है।
यहूदियों को नेतन्याहू का संदेश
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- “दुनिया भर में यहूदियों के विरोधी हमारे लोगों को डराना चाहते हैं। मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि अब वो दिन बीत चुके हैं जब यहूदी बेबस और शिकार हुआ करते थे और उन्हें कत्लगाह तक ले जाया जाता था। आज हमारे पास अपना देश है। आज हमारे पास अपनी सेना है। आज हमारे पास ऐसे लोग हैं जो अपनी रक्षा करने के लिए तैयार और तत्पर हैं। आज दुनिया भर के यहूदियों के लिए मेरा एक ही संदेश है- अपना सिर ऊंचा रखें, गर्व करें, आत्मविश्वास रखें और डरें नहीं। डटकर खड़े हों। जो कोई भी सच और न्याय की रक्षा करना चाहता है, वह उन बर्बर लोगों का सामना करने में हमारे साथ आए जो हमारी साझा सभ्यता के लिए खतरा हैं।”



