Bhagalpur News:बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यलय में हुए गोलीकांड में घायल सभापति राजकुमार गुड्डू का शनिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया. वे पिछले 11 दिनों से पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. गोलीबारी में उनके सिर और सीने में गोली लगी थी जो अब तक फंसी हुई थी. 11 दिन से वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे और आज उनका निधन हो गया. पुलिस प्रशासन के अनुसार, राजकुमार गुड्डू के शव को पटना से भागलपुर तक पुलिस सुरक्षा में ले जाया जाएगा. जिला सीमा तक पटना पुलिस एस्कॉर्ट करेगी, जिसके बाद भागलपुर पुलिस शव को उनके पैतृक आवास तक पहुंचाएगी.

दरअसल, 28 अप्रैल की शाम सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में उस समय अफरातफरी मच गई थी, जब मजदूर की भेष में हथियारबंद अपराधी अचानक चेयरमैन के चैंबर में घुस गए. उस वक्त चेयरमैन राजकुमार गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण बैठक कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपराधियों ने अंदर घुसते ही अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी. हमले में राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बीचबचाव करने पहुंचे कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण की मौके पर ही मौत हो गई थी.
झोले में लेकर पहुंचे थे हथियार
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. वीडियो में तीन संदिग्ध चेयरमैन के चैंबर में प्रवेश करते दिखाई दिए. उनके हाथों में झोले थे, जिनसे बाद में हथियार निकाले गए. हथियार देखते ही कमरे में मौजूद लोग जान बचाकर भागने लगे. फुटेज में दिखा कि कृष्णा भूषण ने हमलावरों को रोकने और हथियार छीनने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उन्हें घसीटकर बाहर ले जाकर गोली मार दी. हमले में कुल पांच अपराधी शामिल थे, जिनमें से तीन अंदर गए थे. कुछ हमलावर मजदूरों के वेश में आए थे और चेहरा गमछे से ढंका हुआ था.
पुलिस कर रही जांच
पुलिस जांच में नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया. जांच एजेंसियों के मुताबिक नगर परिषद से जुड़े ठेके और टेंडर को लेकर उसका चेयरमैन राजकुमार गुड्डू से विवाद चल रहा था, घटना के अगले दिन पुलिस ने रामधनी यादव को गिरफ्तार कर लिया था. हथियार बरामदगी के लिए ले जाने के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस कार्रवाई में वह घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई.
क्या है मामला?
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजकुमार गुड्डू और रामधनी यादव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 50 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है, को लेकर भी दोनों पक्षों में तनाव था. बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का सभापति लगातार विरोध कर रहे थे. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच टकराव बढ़ता गया. नगर परिषद की राजनीति और वर्चस्व की लड़ाई को भी इस घटना की एक बड़ी वजह माना जा रहा है.



