भारती एयरटेल एक बार फिर भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई है. कंपनी ने मार्केट कैप के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ दिया है. जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद दूसरे नंबर पर गई थी. कंपनी का आईपीओ 30,213 करोड़ रुपए का था. हालांकि, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बनी हुई है. 6 नवंबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपए था. वहीं, भारती एयरटेल का मार्केट कैप बढ़कर 13.14 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया. इस दिन कंपनी के शेयर करीब 2.5% की बढ़त के साथ 2,107 रुपए पर बंद हुए.

दूसरी ओर, जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप 12.95 लाख करोड़ रुपए रहा. इस लिस्ट में HDFC बैंक 12.16 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप के साथ चौथी और ICICI बैंक 11.28 लाख करोड़ रुपए के साथ 5वें नंबर पर है.
एयरटेल के शानदार तिमाही नतीजों का असर
भारती एयरटेल ने यह उपलब्धि सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करने के एक दिन बाद हासिल की है. कंपनी ने वित्त वर्ष 202627 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. इस दौरान उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 31% बढ़कर 8,887.5 करोड़ रुपए हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 6,791.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.
कंपनी के भारत में मोबाइल कारोबार से होने वाली कमाई में भी 10.1% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, प्रति यूजर औसत कमाई यानी ARPU बढ़कर 271 रुपए हो गई. पिछले साल सितंबर तिमाही में यह 256 रुपए थी. ARPU बढ़ने का मतलब है कि कंपनी को हर ग्राहक से पहले के मुकाबले ज्यादा कमाई हो रही है. इसके अलावा, कंपनी का EBITDA भी सालाना आधार पर 17.8% बढ़कर 35,240 करोड़ रुपए पहुंच गया. पिछले साल इसी अवधि में यह 29,919 करोड़ रुपए था.
शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी
6 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए. BSE Sensex 1,718 अंक यानी 2.17% चढ़कर 81,028 पर बंद हुआ. वहीं, NSE Nifty 494 अंक यानी 2.01% की बढ़त के साथ 25,030 पर पहुंच गया. यह तेजी ऐसे समय में आई, जब अमेरिका और एशिया के बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश को लेकर चिंताओं के कारण विदेशी बाजारों पर दबाव था, लेकिन भारतीय बाजारों ने मजबूती दिखाई.


