
पटना साइबर थाना पुलिस को ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी पति गौरव राज, उसकी पत्नी सपना कुमारी और साले निखिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों में जाल बिछाकर मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था, जिसका दायरा करोड़ों रुपये तक फैला हुआ है।
क्रेडिट-डेबिट कार्ड और लोन दिलाने के नाम पर 400 लोगों को ठगा
पुलिस प्रशासन द्वारा की गई पूछताछ और जांच में आरोपियों के चौंकाने वाले तौर-तरीकों का खुलासा हुआ है। यह गिरोह लोगों को झांसा देने के लिए क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने, बेहद आसान किश्तों पर लोन दिलाने तथा अन्य आकर्षक ऑनलाइन स्कीमों का लालच देता था। जैसे ही कोई इनके झांसे में आता, ये डिजिटल माध्यमों से उनकी गोपनीय वित्तीय जानकारी चुराकर खाते साफ कर देते थे। अब तक की जांच में देश के अलग-अलग राज्यों के करीब 400 लोगों से ठगी करने में इस गिरोह की सीधी संलिप्तता उजागर हो चुकी है।
मेहंदीगंज और कंकड़बाग में छापेमारी कर दबोचे गए आरोपी
ठगी की लगातार मिल रही शिकायतों और इनपुट के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने पटना के मेहंदीगंज और कंकड़बाग थाना क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी पटना और उसके आसपास के इलाकों में छिपकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे थे।
भारी मात्रा में डिजिटल गैजेट्स और फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने मौके से 3 अत्याधुनिक मोबाइल फोन, 2 पहचान पत्र (आधार कार्ड), विभिन्न बैंकों के 3 एटीएम कार्ड, 1 लैपटॉप और 5 एक्टिवेटेड सिम कार्ड जब्त किए हैं। साइबर सेल की टीम अब इन जब्त मोबाइल और लैपटॉप के डेटा को खंगाल रही है, ताकि ठगी के इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को एक-दूसरे से जोड़ा जा सके।
गिरोह के दो अन्य सदस्य फरार, पुलिस कर रही छापेमारी
पटना साइबर थाना पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का जाल काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। वर्तमान में इस सिंडिकेट से जुड़े दो अन्य शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि करोड़ों रुपये की इस ठगी की रकम को किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया और इस पैसे का इस्तेमाल कहाँ और किस संपत्ति को खरीदने में किया गया है।



