SIT Major Action in Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम बड़े खुलासों के करीब पहुंचती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले के मुख्य संदिग्ध राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत कई लोगों के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों और कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

ट्रस्ट के लापरवाह पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव
जांच में यदि किसी ट्रस्ट पदाधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उन्हें ट्रस्ट से हटाने की कार्रवाई भी की जा सकती है। बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। जांच का यह छठा दिन है और टीम को सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
टिन्नू यादव पर गबन के गंभीर आरोप
राम शंकर यादव उर्फ को कथित तौर पर की दानराशि में हेराफेरी का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। आरोप है कि उसने मंदिर के फंड का दुरुपयोग कर आलीशान मकान का निर्माण कराया। मामले में उसका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उसकी वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की जांच कर रही हैं।
10 से अधिक लोगों से हो चुकी है पूछताछ
एसआईटी अब तक मंदिर प्रशासन से जुड़े 10 से अधिक प्रमुख लोगों, दान गिनती कर्मचारियों और बैंक कर्मियों से पूछताछ कर चुकी है। मंदिर में चढ़ाए गए गहनों और आभूषणों सहित ‘चढ़ावे’ के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। एसआईटी टीम मंदिर में मिले गहनों और चढ़ावे की असल मात्रा और उनके कागजी रिकॉर्ड के बीच संबंध का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सोने और गहनों के रूप में मिले दान और मंदिर अधिकारियों के पास मौजूद उनके रिकॉर्ड के बीच अंतर के आधार पर एसआईटी कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के बारे में निष्कर्ष निकालेगी, जिससे गबन के पैमाने का पता चल सकेगा।
दस्तावेजों और वास्तविक चढ़ावे का किया जा रहा मिलान
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी मंदिर में प्राप्त दान और उसके आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच अंतर की जांच कर रही है। सोने, गहनों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के दस्तावेजी रिकॉर्ड तथा वास्तविक मात्रा का मिलान कर कथित अनियमितताओं और गबन की सीमा का आकलन किया जा रहा है।


