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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: 75 से कम छात्र संख्या वाले 10 सरकारी कॉलेज होंगे मर्ज; शिक्षा व्यवस्था सुधारने को उठाया कदम

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: 75 से कम छात्र संख्या वाले 10 सरकारी कॉलेज होंगे मर्ज; शिक्षा व्यवस्था सुधारने को उठाया कदम

शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने कम छात्र संख्या वाले सरकारी कॉलेजों के पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 75 से कम छात्र संख्या वाले 10 सरकारी महाविद्यालयों को अन्य बड़े कॉलेजों में समाहित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि जिन कॉलेजों में छात्र संख्या लगातार घट रही थी, वहां उपलब्ध शिक्षकों, भवनों और अन्य संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था। ऐसे में अब इन संस्थानों को बड़े कॉलेजों के साथ जोड़कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।

विलय की सूची में राजकीय महाविद्यालय टिक्कर, राजकीय डिग्री कॉलेज भलेई, राजकीय डिग्री कॉलेज कुकुमसेरी, राजकीय डिग्री कॉलेज कुपवी, आर्यभट्ट राजकीय डिग्री कॉलेज संधोल, राजकीय डिग्री कॉलेज मुल्थान, राजकीय डिग्री कॉलेज जैनगर, राजकीय डिग्री कॉलेज ननखड़ी, राजकीय डिग्री कॉलेज रोनहाट और राजकीय डिग्री कॉलेज कोटली शामिल हैं। इन 10 कॉलेजों में कुल 448 छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें टिक्कर और भलेई में केवल 8-8 छात्र हैं, जबकि सबसे अधिक 70 छात्र रोनहाट कॉलेज में दर्ज किए गए हैं। सरकार का मानना है कि कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को बड़े संस्थानों से जोड़ने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

सरकार ने इस फैसले के साथ छात्रों को आर्थिक राहत देने की भी घोषणा की है। इन 10 कॉलेजों में प्रथम और द्वितीय वर्ष के कुल 319 छात्र ऐसे हैं जिन्हें अब दूसरे कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करनी होगी। ऐसे विद्यार्थियों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि कॉलेज बदलने के कारण छात्रों पर आने-जाने, रहने या अन्य खर्चों का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, इसलिए यह सहायता दी जा रही है। इस पर सरकार को हर महीने 15 लाख 95 हजार रुपए और सालाना करीब 1 करोड़ 91 लाख 40 हजार रुपए खर्च करने होंगे।

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