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RBI पॉलिसी से आई बड़ी खबर, भारत में जल्द आ सकता है प्लास्टिक का नोट

भारतीय रिजर्व बैंक देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट शुरू करने की तैयारी कर रहा है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पॉलिमर नोट का प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर आगे विचार किया जा रहा है. हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो इस संबंध में जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की जा सकती है. शुरुआती दौर में 10 रुपये और 20 रुपये के नोट चुने जा सकते हैं, क्योंकि ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं.

RBI पॉलिसी से आई बड़ी खबर, भारत में जल्द आ सकता है प्लास्टिक का नोट
RBI पॉलिसी से आई बड़ी खबर, भारत में जल्द आ सकता है प्लास्टिक का नोट

एक हफ्ते पहले TV9 ने किया था खुलासा

TV9 डिजिटल ने पिछले हफ्ते खुलासा कर दिया था कि भारतीय रिजर्व बैंक देश में प्लास्टिक के नोट लाने पर विचार कर रहा है. आरबीआई की बोर्ड मीटिंग के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई थी. आज RBI गवर्नर ने प्लास्टिक नोट के आने पर बड़े संकेत दिए हैं. उन्होंने बताया है, “इस प्रस्ताव पर विचार चल रहा है.” अगर यह प्रस्ताव अमल होता है तो देश में प्लास्टिक के नोट आ सकते हैं.

RBI लाने वाला है Plastic Note? जानिए पूरा सच, देखें वीडियो

क्यों लाए जा रहे प्लास्टिक नोट?

RBI प्लास्टिक नोटों को अपनाने पर इसलिए विचार कर रहा है क्योंकि कागज के नोटों की छपाई और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है. आरबीआई की FY25 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, नोट छापने की लागत बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि FY24 में यह 5,101.4 करोड़ रुपये थी. हालांकि पॉलिमर नोटों को तैयार करने की शुरुआती लागत ज्यादा होती है, लेकिन ये कागज के नोटों की तुलना में कहीं ज्यादा टिकाऊ होते हैं. इससे लंबे समय में नए नोट छापने की जरूरत कम होगी और खर्च में भी बड़ी बचत हो सकती है. इसके अलावा, देश के ATM और कैश मैनेजमेंट सिस्टम अब इतने आधुनिक हो चुके हैं कि वे पॉलिमर नोटों को आसानी से पहचान और प्रोसेस कर सकते हैं.

खराब और फटे नोट बड़ी चुनौती

RBI के सामने खराब और फटे नोटों को बदलना भी एक बड़ी चुनौती है. FY25 के दौरान करीब 23.8 अरब पुराने और खराब नोटों को चलन से बाहर किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.3 फीसदी ज्यादा है. इनमें सबसे ज्यादा 500 रुपये के नोट शामिल थे. डिजिटल भुगतान में तेजी आने के बावजूद देश में नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है और 15 मई तक चलन में कुल मुद्रा 42.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. ऐसे में पॉलिमर नोट ज्यादा समय तक सुरक्षित और उपयोगी बने रहेंगे, जिससे नोट बदलने और दोबारा छापने का दबाव काफी कम हो सकता है.

10 साल पहले भी हुई थी चर्चा

यह पहला मौका नहीं है जब देश में प्लास्टिक के नोटों की चर्चा हो रही है. करीब 10 साल पहले भी RBI ने प्लास्टिक नोट छापने का सुझाव दिया था. कागज के नोटों की छपाई पर बढ़ते खर्च और बड़ी संख्या में पुराने नोटों के खराब होकर नष्ट होने की वजह से यह योजना फिर चर्चा में आई है.

फरवरी 2014 में सरकार ने संसद को बताया था कि 10 रुपये के प्लास्टिक नोटों का परीक्षण किया जाएगा. इसके लिए देश के पांच अलगअलग जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों वाले शहर चुने गए थे. इनमें कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर
शामिल थे. हालांकि, उस समय तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण इस योजना को रोक दिया गया था. अब RBI एक बार फिर प्लास्टिक नोटों को लेकर संभावनाएं तलाश रहा है.

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