Shamli Police Encounter: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपए का इनामी बदमाश फुरकान मारा गया. मुठभेड़ के दौरान फुरकान ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की. इस दौरान एक पुलिसकर्मी के पेट में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं. घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.

लंबे समय से फरार था फुरकान
पुलिस के अनुसार, फुरकान लंबे समय से फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था और उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था. फुरकान के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर अपराधों समेत 30 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. वह कुख्यात मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य माना जाता था.
कैराना पलायन से जुड़ा रहा नाम
फुरकान का नाम कैराना के चर्चित पलायन मामले में भी सामने आया था. आरोप है कि वर्ष 2014 में उसने मुकीम काला गैंग के साथ मिलकर व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और उन्हें धमकाने का काम किया. पुलिस के मुताबिक, रंगदारी नहीं देने पर व्यापारियों की हत्या तक कर दी जाती थी. इन्हीं घटनाओं के बाद कैराना के कई व्यापारी और परिवार डर के कारण अपना घर छोड़कर दूसरे शहरों और राज्यों में चले गए थे. उस समय यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना था.
व्यापारी की हत्या के बाद फैला था खौफ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुरकान पर दिनदहाड़े व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या करने का भी आरोप था. जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से व्यापारियों को धमकाना और रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था. लगातार हो रही वारदातों से इलाके में भय का माहौल बन गया था और कई परिवारों ने पलायन कर लिया था. बताया जाता है कि करीब 346 परिवारों ने उस समय कैराना छोड़ दिया था.
घटनास्थल से हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक कार्बाइन, एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि फुरकान का एक साथी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस फुरकान के अन्य साथियों और उसके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
एसपी ने दी पूरी जानकारी
शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में मुकीम काला और फुरकान ने कैराना में आतंक का माहौल बना रखा था. उन्होंने बताया कि मात्र 10 दिनों के भीतर रंगदारी न देने पर तीन व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद इलाके से लोगों का पलायन शुरू हो गया था. उन्होंने कहा कि फुरकान इस गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी.
मुकीम काला गैंग पर लगातार कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कुख्यात अपराधी मुकीम काला की कुछ वर्ष पहले चित्रकूट जेल में गैंगवार के दौरान मौत हो चुकी है. हाल के वर्षों में उसके कई शूटर भी पुलिस मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि फुरकान इस गैंग का बचा हुआ प्रमुख अपराधी था, जिसके मारे जाने के बाद गैंग की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा.



