Gorakhpur Loan Fraud: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एम्स थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी के रहने वाले स्टेशन मास्टर ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों ने 1.67 रुपए की ठगी की है. पुलिस ने दोनों को 3 जुलाई को गिरफ्तार किया है. पुलिस को गरिमा सिंह के पास से मिली डायरी में गरिमा सिंह ने लिखा है कि “अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी, यह मेरा लक्ष्य है. डायरी में गरिमा ने लिखा है कि मेरे सभी लोन अप्रैल तक खत्म हो जायेंगे. डायरी में ये भी लिखा है कि अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है. गरिमा सिंह करोड़पति है, धन्यवाद भगवान..”

गोरखपुर में रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी गरिमा सिंह ने अमीर बनने के लिए गलत रास्ता चुन लिया. उन्होंने लोगों को लोन दिलाने उन्हें लोन माफ कराने के नाम पर लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए की ठगी की है. गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी कॉलोनी में रहने वाले ध्रुव नारायण सिंह उत्तर प्रदेश के सहजनवा रेलवे स्टेशन अधीक्षक है. उनकी बेटी गरिमा सिंह कम समय में ज्यादा रुपए कमाने के लिए गलत रास्ता चुन लिया. गरिमा सिंह और उसके पिता धूप नारायण सिंह ने जाल साजी कर 1.6 करोड़ रुपए की ठगी की है. तलाशी में गरिमा के पास से एक डायरी मिली है जिसमें गरिमा ने खुद के बेहद अमीर होने और बेशुमार दौलत मिलने की बाते लिख रखी थी.
लोन दिलाने के नाम पर ठगी
1 अगस्त को साथी रेलकर्मी सत्य प्रकाश सिंह द्वारा एम्स थाने में दी गई. तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता और पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी ने कार लोन चुकता करने और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर छह अलगअलग बैंकों से 1.67 करोड रुपए का लोन पास कराया और रकम अपनी पास रख ली थी. सत्य प्रकाश सिंह ने पाने तहरीर में बताया है कि ध्रुव नारायण ने कार लोन चुकता करने का वादा कर अपनी बेटी से मुलाकात करवाई थी. गरिमा ने उनके दस्तावेज का इस्तेमाल कर ICICI, SBI, YES, HDFC, SNFG AUR BNDHAN BANK में पर्सनल लोन कराया, जिसमें से 10 लाख रुपए सत्य प्रकाश सिंह के खाते में डाल कर 3 महीने की EMI भरी. उसके बाद उन्होंने किस्त देना बंद कर दिया था.
जल्दी अमीर बनना चाहती थी बेटी
गरिमा सिंह की शादी 2020 में कुशीनगर जिले की सुकरौली के रहने वाले भानु प्रताप सिंह से हुई थी. गरिमा का पति ठेकेदारी करता था. गरिमा के पति भानु का ठेकेदारी का काम जब कमजोर होने लगा तो वह अपनी पत्नी के साथ उसके घर आ कर रहने लगा. आरोपी पिता ध्रुव सिंह ने बताया कि उसकी बेटी गरिमा सिंह को अमीर बनने का बहुत ही शौक था, जिसके लिए उसने इंटरनेट के माध्यम से ठगी करने वाले लोगों के बारे में जानकारी ली. इसके बाद उसने प्लानिंग करके लोगों को बैंक से लोन दिलाने और लोन की रकम माफ कराने के लिए लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि इस कार्य में वह भी बेटी की मदद करने लगे. उन्होंने बताया कि रेलवे में जो लोग उनके जानने वाले थे उनको अपनी बेटी से मिलवाया.
किन लोगों को बनाती थी शिकार?
पुलिस के मुताबिक, गरिमा सिंह दो तरह के लोगों को अपना शिकार बनाती थी. वह लोग जिन लोगों को लोन की जरूरत है और दूसरे वह लोग जो लोग पहले से ही लोन ले रखे हैं. गरिमा उन लोगों से मिलकर उनका ब्रेनवाश करती थी और फिर उन्हें झांसे में लेकर उन्हें अपने ठगी का शिकार बनाती थी. वह लोगों से कह रही थी कि आप लोन ले लो किस्त मैं भर दूंगी. गरिमा इतनी शातिर थी कि वह जिसको लोन दिलवाती थी उसका 10 से 20 प्रतिशत वह लोन लेने वाले को दे दी थी. बाकी रकम अपने बैंक में ट्रांसफर करवा लेती थी.
वहीं, इस मामले में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि लोन के नाम पर रुपए हड़पने का ममला सामने आया है. पिता और पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इस मामले की जांच की जा रही है, आगे की अग्रिम कार्यवाही की जाएगी.



