
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जा रही है। इस आयोजन के जरिए विपक्षी दल अपनी एकजुटता और राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। रैली से पहले पैदल मार्च भी निकाला जाना है। विपक्ष का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हो रहा है।
रैली में गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी तैयारियां की हैं और यातायात प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
20 बाजारों की ढाई लाख दुकानों पर बंदी का असर पड़ने की आशंका
रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 प्रमुख बाजार हैं। संगठन का दावा है कि रैली के कारण इन बाजारों की करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं और कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
CTI ने अपने पत्र में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, नई सड़क, दरियागंज, कनॉट प्लेस और भागीरथ पैलेस जैसे प्रमुख बाजारों का जिक्र किया है। व्यापारियों को आशंका है कि भीड़, यातायात प्रतिबंध और माल की आवाजाही प्रभावित होने से दिवाली से पहले का कारोबार नुकसान में जा सकता है।
राहुल गांधी को CTI का चौथा पत्र
व्यापारियों के संगठन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चौथा पत्र लिखकर रैली के दौरान बाजारों पर पड़ने वाले संभावित असर की ओर ध्यान दिलाया है। CTI का कहना है कि व्यापारी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं, बल्कि त्योहारों के सीजन में अपने कारोबार को लेकर चिंतित हैं।
संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि जब आसपास के बाजारों में दुकानें बंद रहने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है, तो रैली में आने वाले लोग खरीदारी कैसे कर पाएंगे।
राहुल गांधी ने की बाजारों में खरीदारी की अपील
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले लोगों से स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन और रैली में शामिल होने के साथ लोग छोटे व्यापारियों से सामान खरीदकर उनकी मदद भी करें।
राहुल गांधी की इस अपील के बाद CTI ने फिर सवाल उठाया कि यदि बाजारों तक पहुंचने के रास्ते प्रभावित होंगे और दुकानें बंद रहेंगी, तो लोग खरीदारी कहां करेंगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस और व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ट्रांसपोर्ट और दिवाली कारोबार पर भी चिंता
CTI ने पत्र में दावा किया है कि रामलीला मैदान के आसपास करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र में यातायात और माल ढुलाई प्रभावित हो सकती है। संगठन के अनुसार, दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक और टेंपो बाजारों तक सामान पहुंचाते हैं। रैली के कारण इनकी आवाजाही बाधित होने पर दुकानदारों को परेशानी हो सकती है।
व्यापारियों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में त्योहार से पहले खरीदारी और माल की आपूर्ति के लिहाज से यह समय कारोबारियों के लिए अहम माना जा रहा है।
फिलहाल रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। एक तरफ विपक्ष इसे अपनी एकजुटता दिखाने का बड़ा मौका मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ व्यापारिक संगठन बाजारों और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
Satya Report नोट: बाजार बंद रहने और कारोबार प्रभावित होने से जुड़े आंकड़े CTI के दावों पर आधारित हैं। वास्तविक स्थिति का पता रैली के दौरान बाजारों और यातायात की स्थिति से चलेगा।



