
पटना के न्यू करबिगहिया के दुकानदार बंटी की हत्या में आरोपित किन्नर मोनी समेत चार बदमाश बिहार से बाहर भाग गए हैं। उनके यूपी में छिपे होने की आंशका है। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में यूपी गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि किन्नर से विवाद होने के बाद ही बंटी और रविश के बीच झगड़ा हुआ था। इसी वजह से रविश की अपहरण के बाद हत्या की गई।
बंटी हत्याकांड में कुल आठ आरोपित हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपित रविश कुमार उर्फ बीसी, उसका भाई बजरंगी समेत चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही चारों की गिरफ्तार हो जाएगी।
किन्नर और बंटी में हुई थी बहस
विवाद की शुरुआत किन्नर मोनी और बंटी के बीच बहस से हुई थी। बंटी के परिजनों का कहना है कि किन्नर मोनी पटना जंक्शन के आसपास के होटलों में देह व्यापार का धंधा चलवाती है। बंटी मोनी के इस हरकत से नाराज था। इसे लेकर 15 दिन पहले बंटी और मोनी के बीच झगड़ा हुआ था। रविश (मोनी का दोस्त) और बंटी के बीच लड़ाई अवैध शराब बिक्री को लेकर हुई थी। घटना के 15 दिन पहले रविश और मोनी बंटी के घर पर आकर धमकी देकर गए थे।
शराब की हर खेप में मांगता था हिस्सेदारी
पुलिस की मानें तो रात में अक्सर बंटी पटना जंक्शन के पास आता था। यूपी से ट्रेन से आने वाली शराब की हर खेप में हिस्सेदारी मांगता था। रविश इसका विरोध कर रहा था।
शंकर के ऑटो का इस्तेमाल
इस मामले में मोनी किन्नर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में उसके तार मुख्य आरोपित रवीश से जुड़े मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि शंकर कुमार के ऑटो का इस्तेमाल बंटी को ले जाने में किया गया था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह इस वारदात की साजिश में शामिल था या बिना पूरी जानकारी के उसका वाहन इस्तेमाल किया गया।
तीन आरोपितों पर वारंट
बंटी हत्याकांड में फरार चल रहे तीन आरोपितों के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वारंट मिलने के बाद पटना पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस की ओर से न्यायालय में आवेदन दायर किया गया था, जिसके बाद मोनी किन्नर, शंकर कुमार और सोनू के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया।
बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन किनारे हत्या
बंटी के अपहरण के बाद आरोपित किन्नर मोनी के घर पर ले गए। वहां पिटाई के बाद ऑटो में ही हाथ और पैर बांध दिए। इसके बाद बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के किनारे हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि रविश ने साजिश के तहत बंटी की हत्या कराई है ताकि पटना जंक्शन के आसपास उसका वर्चस्व कायम रह सके।
कॉल डिटेल्स में रोज 20-25 बार फोन पर बातचीत
पुलिस ने बंटी और रविश के मोबाइल का कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि एक दिन में दर्जनों बार बातचीत की है। व्हाट्सएप कॉल भी बात की। पिछले 15 दिनों में दोनों का रोजाना औसतन 20 से 25 बार बातचीत की। घटना के दो दिन पहले तक दोनों के बीच हर आधे घंटे पर बातचीत हुई है। विवाद का कारण अवैध शराब की बिक्री में हिस्सेदारी था।
बंटी चाहता था वर्चस्व
जांच में यह बात सामने आई है कि बंटी जंक्शन, न्यू करबिगहिया व जक्कनपुर में अवैध शराब के कारोबार पर वर्चस्व चाहता था। वहीं, बीसी अपना दबदबा कायम रखना चाहता था।



