
यूपी के शामली में बड़े मेडिकल व्यवसायी के बेटे आयुष मलिक के कथित रूप से हिंदू धर्म में वापसी के दावों के बीच धर्मांतरण प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस को आयुष के पास से एक अहम डायरी और एक चाकू बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब डायरी में दर्ज जानकारियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक इस डायरी में एक पेज पर लिखा है, ‘मैं मिशन पर हूं।’ नीचे आयुष ने अपना नाम लिखा है। एसपी के मुताबिक यह वाक्य मौलाना इरफान के कहने पर लिखा गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस डायरी से कई अहम राज खुलेंगे। मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक ने बेटे आयुष के धर्मांतरण प्रकरण को लेकर पुलिस चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। आठ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान आयुष के ड्राइंग रूम से एक डायरी और चाकू मिला है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डायरी पर लिखे मैं मिशन पर हूं के बारे में जांच-पड़ताल में पता चला कि यह वाक्य आयुष ने मौलाना इरफान के कहने पर लिखा था।
मौलाना इरफान पर आयुष का धर्मांतरण कराने एवं फर्जी निकाहनामा तैयार कराने में अहम रोल रहा है, वह मुकदमे में आरोपी भी है। पुलिस डायरी की जांच कर रही है। डायरी में और भी अहम बातें लिखी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। चाकू आयुष के पास कहां से आया इसे भी जांच में शामिल किया गया है। मौलाना इरफान की तलाश में पुलिस दिल्ली समेत कई स्थानों पर दबिश दे रही है, वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। एसपी का कहना है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
10 तारीख को होगी चांदनी की जमानत पर सुनवाई
उधर, कैराना में संपत्ति हड़पने के लिए प्रेम जाल में फंसाकर धर्मपरिवर्तन कराने एवं फर्जी निकाहनामा तैयार करने के आरोप में जेल भेजी गई चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी व फुफेरे भाई तौफीक की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश ने दस जुलाई की तारीख निर्धारित की है। इन तीनों की नियमित जमानत याचिका के अलावा फरार चल रही चांदनी की दो बहनों एवं भाई की अग्रिम जमानत याचिका भी न्यायालय में डाली गई है। मंगलवार को जमानत याचिका पर सुनवाई थी। अधिवक्ता मेहरबान अहमद ने बताया कि अदालत ने मामले पर सुनवाई हुई, दूसरे पक्ष के अधिवक्ता की ओर से समय मांगा गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दस जुलाई की तिथि निर्धारित की है।



