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पंजाब में आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा! ISI के इशारे पर गैंगस्टरों का इस्तेमाल, जेलों से चल रहा था नेटवर्क

खुलासा! पंजाब में आतंकी हमलों की साजिश! ISI कर रही गैंगस्टरों का इस्तेमाल

पंजाब में आतंकी गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान एक कथित नार्को-टेरर नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है। मलेशिया से भारत लाए गए तीन संदिग्धों से पूछताछ में जांचकर्ताओं के सामने पाकिस्तान से जुड़े हैंडलरों, स्थानीय गैंगस्टरों और जेल में बंद आरोपितों के बीच कथित कनेक्शन की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह आशंका सामने आई है कि सीमा पार बैठे हैंडलर पंजाब में हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे। मामले में लुधियाना के पास ग्रेनेड हमले की कथित साजिश की भी जांच की जा रही है।

मलेशिया कनेक्शन से खुली नेटवर्क की परतें

जांच एजेंसियों के अनुसार, मलेशिया से डिपोर्ट किए गए अजय मलेशिया, जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और पवनदीप सिंह से पूछताछ के दौरान विदेशी संपर्कों की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि मलेशिया में मौजूद ‘अली’ नाम के एक व्यक्ति के जरिए संदिग्धों का संपर्क कथित तौर पर सीमा पार बैठे हैंडलरों से हुआ था।

जांच में यह भी सामने आया कि अजय मलेशिया कथित तौर पर ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जेलों में बंद आरोपितों तक भी पहुंची जांच

पुलिस के अनुसार, मामले की कड़ियां पंजाब और राजस्थान की कुछ जेलों तक भी पहुंच रही हैं। जांच के दौरान छह जेल में बंद आरोपितों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

आरोप है कि जेल में मौजूद संपर्कों के जरिए बाहर मौजूद लोगों तक निर्देश पहुंचाए जा रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जेल के भीतर से कथित तौर पर नेटवर्क को किस तरह संचालित किया जा रहा था।

लुधियाना में ग्रेनेड हमले की कथित साजिश

इस मामले में पुलिस ने पहले एक युवक को ग्रेनेड से भरे बैग के साथ पकड़े जाने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि विस्फोटक अमृतसर से लुधियाना लाया गया था और इसका इस्तेमाल किसी वारदात में किया जाना था।

जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से मिलने वाले निर्देशों और आर्थिक मदद के जरिए स्थानीय स्तर पर हमले कराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों और दावों की जांच अभी जारी है।

ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने की आशंका

सुरक्षा एजेंसियां पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जाने की आशंका को भी इस जांच से जोड़कर देख रही हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ड्रग तस्करी और आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल आतंक से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, स्लीपर सेल और मददगारों की तलाश कर रही हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

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