Uncategorized

दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन कवच 14.0’ में बड़ी सफलता, कुख्यात महिला ड्रग तस्कर उजमा गिरफ्तार; हैदराबाद जेल भेजने की तैयारी..

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ एक मुहिम छेड़ी हुई है, ताकि नशा तस्करों पर अंकुश लगाया जा सकें, इस दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने विशेष अभियान (ऑपरेशन कवच 14.0) के तहत एक कुख्यात महिला ड्रग तस्कर उजमा को गिरफ्तार धर दबोच लिया है।

बता दे कि क्राइम ब्रांच की टीम ने महिला ड्रग तस्कर के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उजमा लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थी। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत छह मामले दर्ज हैं। साथ ही पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य आदतन नशा तस्करों को किसी भी नए अपराध को करने से पूर्व ही हिरासत में लेना है, ताकि संगठित ड्रग नेटवर्क को तोड़ा जा सके, इस दौरान क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने कहा कि महिला उजमा की गिरफ्तारी दिल्ली में सक्रिय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है, उन्होंने कहा कि उजमा पत्नी भारत (उर्फ) मोगली, ओम विहार फेज-1, उत्तम नगर और रघुवीर नगर क्षेत्र की निवासी है। उसके खिलाफ नशा तस्करी में लगातार संलिप्तता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की (वीआर-II) यूनिट ने उसे (PITNDPS) के एक्ट के तहत निरुद्ध करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग को भेजा था। साथ ही प्रस्ताव की समीक्षा के बाद 26 फरवरी को सक्षम प्राधिकारी ने उसके खिलाफ निरुद्धीकरण आदेश जारी किया। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 24 जून को एक हेड कांस्टेबल को उजमा की लोकेशन संबंधी गुप्त सूचना मिली थी।


सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में गठित टीम ने रघुवीर नगर इलाके में छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे (PITNDPS) एक्ट के तहत निरुद्ध कर लिया गया। अब उसे तेलंगाना की चंचलगुडा सेंट्रल जेल, हैदराबाद भेजा जा रहा है, ताकि उसके जरिए संचालित नशा तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह बाधित किया जा सके और जांच में सामने आया है कि उजमा ने दिल्ली के चांद नगर स्थित विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की थी, जिसके बाद अपने इलाके में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात फेसबुक के माध्यम से भारत (उर्फ) मोगली से हुई थी। डीसीपी ने कहा कि उसका पति पहले से ही उत्तम नगर क्षेत्र में अवैध गांजा बिक्री के कारोबार में शामिल था, जिसके बाद उजमा भी इस धंधे से जुड़ गई और उत्तम नगर व बिंदापुर क्षेत्र में गांजा बेचने लगी थी।

बता दें कि वर्ष 2020 से अब तक उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत छह मामले दर्ज हो चुके हैं। कई बार गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के बावजूद उसने नशा तस्करी का कारोबार नहीं छोड़ा था। साथ ही महिला उजमा जमानत पर बाहर आने के बाद भी लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल रही और PITNDPS की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद फरार हो गई थी, लेकिन सामान्य कानूनी कार्रवाई उसके अपराधों पर रोक लगाने में प्रभावी साबित नहीं हो रही थी। ऐसे में समाज, खासकर युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसके खिलाफ निवारक निरुद्धीकरण की कार्रवाई आवश्यक हो गई, डीसीपी ने कहा कि नशा तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply