
मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली गोल्डी वर्मा की सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी का बेहद खौफनाक और दर्दनाक अंत सामने आया है। इंस्टाग्राम पर ‘प्रिंस’ बनकर जिस युवक ने गोल्डी को अपने प्यार के जाल में फंसाया, वह असल में साहिल खान निकला। शादी के बाद पहचान खुलने और प्रताड़ना का दौर शुरू होने के बाद, बीते 6 जून को गोल्डी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल वालों ने मायके को बिना बताए शव को दफना भी दिया। अब घटना के 15 दिन बाद प्रशासन की मौजूदगी में कब्र खोदकर गोल्डी का शव बाहर निकाला गया है, जिसके बाद परिजनों ने उसका दाह संस्कार किया।
इंस्टाग्राम पर ‘प्रिंस’ बनकर की दोस्ती, फिर मंदिर में रचाई शादी
रीवा की गोल्डी वर्मा की कहानी की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई थी। इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात ‘प्रिंस’ नाम के एक युवक से हुई। प्रिंस ने अपनी असली मुस्लिम पहचान छिपाकर हिंदू नाम से गोल्डी से दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई और दोनों ने साथ जीने-मरने के वादे कर लिए। प्यार का परवान ऐसा चढ़ा कि दोनों घर से भाग गए। इसके बाद साहिल उर्फ प्रिंस ने हैदराबाद के एक मंदिर में गोल्डी के साथ बकायदा हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई। शादी के बाद दोनों गुजरात के सूरत शहर में जाकर रहने लगे।
सूरत में प्रताड़ना और दिल्ली के बहाने प्रयागराज के गांव में एंट्री
शादी के कुछ समय बाद ही गोल्डी के सुनहरे सपने टूटने लगे। सूरत में रहते हुए उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया। तंग आकर गोल्डी वापस रीवा अपने मायके लौट आई। हालांकि, कुछ महीनों बाद शातिर साहिल दोबारा रीवा पहुंचा और गोल्डी को मनाने लगा। उसने गोल्डी के परिजनों से झूठ बोला कि वे दोनों काम के सिलसिले में दिल्ली जा रहे हैं। लेकिन वह उसे दिल्ली ले जाने के बजाय उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कौंधियारा स्थित अपने पैतृक गांव ले आया। यहीं आकर गोल्डी के सामने यह भयानक सच आया कि जिसे वह प्रिंस समझती थी, वह असल में साहिल खान है।
6 जून को रहस्यमयी मौत, मायके को बिना बताए चुपचाप दफनाया शव
प्रयागराज के कौंधियारा गांव में आने के बाद 6 जून को अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में गोल्डी की मौत हो गई। साहिल और उसके परिवार ने इस बात की भनक गोल्डी के मायके वालों को नहीं लगने दी और जल्दबाजी में मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक शव को दफना दिया। मौत के करीब 15 दिन बाद गोल्डी की एक सहेली के जरिए उसकी बहन को इस अनहोनी की जानकारी मिली। खबर मिलते ही बदहवास परिजन कौंधियारा गांव पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है और उसे दफनाया जा चुका है।
प्रशासन ने कब्र खोदकर निकाला शव, परिजनों ने किया दाह संस्कार
बेटी की मौत और चुपचाप दफनाए जाने की खबर से आक्रोशित परिजनों ने तुरंत प्रयागराज जिला प्रशासन और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोल्डी के शव को कब्र से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव का बकायदा पोस्टमार्टम कराया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने गोल्डी के पार्थिव शरीर को प्रयागराज लाकर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार और दाह संस्कार किया।
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘लव जिहाद’ के बाद जहर देकर मार डाला
इस पूरे मामले में गोल्डी की मां बेबी देवी और बहन नीतू वर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ कहना है कि गोल्डी ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई है। आरोपी साहिल ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर, हाथ में कलावा बांधकर उसे झांसे में लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी। मां का आरोप है कि गोल्डी को जहर देकर मारा गया है और सबूत मिटाने के लिए मायके वालों को सूचना दिए बिना शव दफना दिया गया। पीड़ित परिवार अब पुलिस प्रशासन से न्याय की भीख मांग रहा है और दोषी पति व उसके परिवार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।



