लोकसभा में महिला आरक्षण बिल बहुमत न मिलने पर गिर गया. लेकिन बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर रणनीति बना ली है.

- लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर दो दिन चर्चा के बाद इसे पेश किया गया, जिसे दो तिहाई बहुमत नहीं मिला
- भाजपा ने बिल के गिरने के बाद भी इसे लेकर जनता के बीच जाकर विपक्ष को घेरने की रणनीति बनाई है
- गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर महिला आरक्षण बिल के विरोध का आरोप लगाया और कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख किया
जनता के बीच महिला आरक्षण का मुद्दा लेकर उतरेगी बीजेपी
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में जहां विधानसभा चुनाव जारी हैं. ऐसे में बीजेपी इन चुनावों में भी जनता के बीच यह मुद्दा लेकर जाएगी. बीजेपी जनता के बीच यह संदेश पहुंचाने की कोशिश करेगी कि विपक्ष महिला विरोधी है और उन्होंने इस ऐतिहासिक सुधार को रोक दिया. पीएम मोदी बंगाल चुनाव के पहले चरण के दिन भी राज्य के दौरे पर रहेंगे. वे 23 अप्रैल को नदिया जिले के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद 24 अप्रैल को 24 परगना में भी उनकी एक सभा है. इन सभाओं में पीएम मोदी महिला आरक्षण बिल का मुद्दा उठा सकते हैं.
पीएम मोदी ने महिलाओं को लेकर सांसदों से की थी खास अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बिल को लेकर देश की महिलाओं से खास अपील की थी. उन्होंने दिन में ट्वीट करते हुए सभी सदस्यों से अपील की थी कि अपने घर की मां, बहन, बेटी और पत्नी की याद को मन में रखते हुए, अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें. यह देश की नारी शक्ति की सेवा करने और उन्हें सम्मान देने का एक सुनहरा अवसर है. उन्हें नए अवसरों से वंचित न करें. उन्होंने कहा था कि मैं सभी सदस्यों से यह भी अनुरोध करता हूं कि वे ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे पूरे भारत की महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे



