
पटना: बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोलीबारी कर दहशत फैला दी। ब्यापुर गांव की मस्जिद गली में हुई इस वारदात में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भालू की मौत हो गई, जबकि प्रखंड प्रमुख रिंकी देवी के पति पिंटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, संजीत कुमार और पिंटू कुमार एक साथ बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार होकर चार बदमाश वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने प्रखंड प्रमुख के पति के घर के पास पहुंचते ही संजीत कुमार को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गोली लगने से संजीत कुमार गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए पिंटू कुमार आगे आए, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी गोलियां चला दीं। इस हमले में पिंटू कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों बदमाश मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को दानापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने संजीत कुमार को बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, पिंटू कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने शुरू की बदमाशों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच में हमलावरों की पहचान करने और उनके फरार होने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभी तक गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। संजीत कुमार को किस कारण निशाना बनाया गया और हमले की साजिश किसने रची, इन पहलुओं की जांच की जा रही है।
पैक्स अध्यक्ष की हत्या और प्रखंड प्रमुख के पति पर जानलेवा हमले के बाद ब्यापुर गांव तथा आसपास के इलाकों में तनाव और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों और जांच के निष्कर्षों की आधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस के बयान का इंतजार किया जाना चाहिए।



