
नगर परिषद के वार्ड-26 स्थित दूबे टोला निवासी तुलसी तुरहा के 11 वर्षीय पुत्र गौतम कुमार का शव 17 दिन बाद बुधवार शाम गंडक नदी के रतनमाला घाट से बरामद हुआ।
गौतम सिटी मॉन्टेसरी पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। बीते दो अगस्त की सुबह वह पड़ोसी शिवम गुप्ता के घर गया था, इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका था।
नदी किनारे मिला छात्र
बुधवार शाम नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
स्वजन ने शव की पहचान गौतम के रूप में की। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन चिकित्सकों की मेडिकल टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। टीम में डॉ. एके तिवारी, डॉ. एसपी अग्रवाल और डॉ. चंदन कुमार शामिल थे। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही गौतम की मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की निगरानी में शव स्वजन को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
गौतम के स्वजन अभी भी हत्या कर शव को गंडक नदी में फेंकने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसकी मौत नदी में डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
चार अगस्त को हुआ था जाम
थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
गौतम के लापता होने के बाद स्वजन और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था। उसकी बरामदगी की मांग को लेकर बीते चार अगस्त को मुख्य सड़क जाम कर विरोध जताया गया था।
बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से आवागमन बहाल कराया गया। इसके बाद पक्ष-विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने भी गौतम के स्वजन से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग और बच्चे की बरामदगी का भरोसा दिलाया था। गौतम अपने परिवार का इकलौता पुत्र था।
उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव मिलने के बाद अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



