
जम्मू-कश्मीर में तैनात राजस्थान के जैसलमेर जिले के रहने वाले बीएसएफ जवान मुकेश राठौड़ को शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. बीएसएफ जवान ने 8 दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद 16 जुलाई को दम तोड़ दिया. मुकेश बीते 08 जुलाई को एक भीषण हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके बाद से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था. बड़ी बात है कि बीएसएफ जवान मुकेश की 8 महीने पहले ही शादी हुई थी और पत्नी गर्भवती थी, जबकि उनकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है. अब मुकेश की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
पिता ने दी मुकेश को मुखाग्नि
BSF जवान मुकेश का शनिवार को उनके पैतृक गांव नग्गा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ. अंतिम संस्कार से पहले नका पार्थिव शरीर सेना के वाहन में रखकर करीब दो किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई. इस दौरान इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘मुकेश अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा. जिस समय पिता भजनाराम ने बेटे मुकेश को मुखाग्नि दी तो वहां पर मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गईं.
8 जुलाई को हुआ था हादसे
वहीं, पति के पार्थिव शव देखकर गर्भवती पत्नी बेसुध हो गईं. परिवार की महिलाओं ने उन्हें संभाला. अंतिम दर्शन के दौरान उन्होंने कांपते हाथों से पति को पुष्पमाला अर्पित की. वह 29 जून को छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे. इसी बीच 8 जुलाई को मोकला के पास वह भीषण हादसे का शिकार हो गए.
बीएसएफ जवान मुकेश राठौड़ की बाइक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए. तुरंत उनको जैसलमेर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर जोधपुर रेफर कर दिया. जिसके बाद जोधपुर में मुकेश का 8 दिनों तक इलाज चला. 16 जुलाई को आखिरकार मुकेश जिंदगी मौत की जंग हार गए और उनकी मौत हो गई.
2022 में BSF में भर्ती हुए थे मुकेश
मुकेश की मां की पहले ही मौत हो चुकी है. पिता भजनाराम ने खेती-किसानी कर बेटे को पढ़ाया-लिखाया और वर्ष 2022 में उनका चयन BSF में हुआ. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी. परिजनों ने बताया कि पिछले साल नवंबर में ही मुकेश की शादी हुई थी और उनकी पत्नी गर्भवती भी हैं. अब मुकेश की मौत के बाद उनके घर में मातम पसर गया है.



