Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से खाकी वर्दी को दागदार करने वाली एक बेहद गंभीर वारदात सामने आई है. यहां मान्धाता थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर एक साल तक शारीरिक शोषण करने और पोल खुलने पर जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले एक मुकदमे के सिलसिले में उसकी मुलाकात मान्धाता थाने में तैनात दरोगा अर्जुन सिंह से हुई थी. आरोप है कि बातचीत के दौरान दरोगा ने खुद को अविवाहित बताया और महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाकर विश्वास जीत लिया. इसके बाद दरोगा ने महिला से शादी करने का पक्का वादा किया.
अलगअलग होटलों में रखकर एक साल तक किया शोषण
पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर दरोगा अर्जुन सिंह उसे प्रतापगढ़ बुलाता रहा. उसने महिला को शहर के अलगअलग होटलों में ठहराया और शादी का झांसा देकर लगातार एक साल तक उसका शारीरिक शोषण किया.
शादी का दबाव बनाया तो दी जान से मारने की धमकी
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब 17 जून 2026 को महिला ने दरोगा पर शादी करने का कानूनी दबाव बनाया. शादी की बात सुनते ही आरोपी दरोगा ने अपना असली रंग दिखा दिया और साफ इनकार कर दिया. आरोप है कि जब महिला ने विरोध किया तो दरोगा ने उसके साथ अभद्र भाषा में गालीगलौज की और उसे चुप रहने के लिए जान से मारने की धमकी दी. बाद में जब पीड़िता ने अपने स्तर पर छानबीन की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई; उसे पता चला कि दरोगा अर्जुन सिंह पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं.
BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
धोखाधड़ी और शोषण का अहसास होने पर पीड़िता ने न्याय के लिए उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया. पीड़िता की तहरीर पर 27 जून 2026 को महिला थाना, प्रतापगढ़ में आरोपी दरोगा अर्जुन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 , 352 और 351 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.
सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया मामले की गंभीरता और खाकी की साख को देखते हुए आरोपी दरोगा अर्जुन सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इस संवेदनशील मामले की कमान उपनिरीक्षक संगीता को सौंपी गई है. पुलिस पूरी गहराई से साक्ष्य जुटा रही है ताकि पीड़िता को हर हाल में न्याय मिल सके.



