Satya Report: आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसे अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि कई मामलों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. कई लोग लंबे समय तक इससे प्रभावित रहते हैं, लेकिन उन्हें इसका पता नहीं चलता. यही वजह है कि यह समस्या धीरेधीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है. खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, तनाव और शारीरिक एक्टिविटी की कमी इसके प्रमुख कारण बन सकते हैं.

कई बार व्यक्ति पूरी तरह सामान्य महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ होता है. इसी कारण इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. समय पर जांच न होने से यह समस्या अचानक गंभीर रूप ले सकती है. आज के व्यस्त जीवन में लोग अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है. इसलिए जरूरी है कि नियमित रूप से की जांच कराई जाए और शरीर के प्रति सतर्क रहा जाए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
बिना लक्षण के हाई बीपी क्यों खतरनाक है?
दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि बिना लक्षण के हाई बीपी इसलिए खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह धीरेधीरे शरीर के अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो इसका असर दिल, किडनी, आंखों और दिमाग पर पड़ सकता है. व्यक्ति को इसका अहसास तब होता है, जब समस्या गंभीर हो चुकी होती है.
कई मामलों में यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी से जुड़ी बीमारियों का कारण भी बन सकता है क्योंकि इसमें शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखते, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए इसे समय रहते पहचानना जरूरी है.
किन लोगों को ज्यादा रहता है जोखिम?
कुछ लोगों में हाई बीपी का खतरा ज्यादा होता है, जैसे जिनकी फैमिली हिस्ट्री में ब्लड प्रेशर की समस्या रही हो, उन्हें अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है. इसके अलावा, ज्यादा नमक का सेवन, मोटापा, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक एक्टिविटी की कमी भी जोखिम को बढ़ाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ भी हाई बीपी का खतरा बढ़ जाता है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
कैसे करें कंट्रोल?
हाई बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए संतुलित लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और नमक का सेवन कम करें. रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें, जिससे शरीर एक्टिव बना रहे. तनाव कम करने की कोशिश करें और पर्याप्त नींद लें. हेल्दी डाइट अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.



