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क्या हल्दी से कंट्रोल हो सकता है ब्लड शुगर? जानिए हालिया मेडिकल रिसर्च में क्या आया सामने..

क्या हल्दी से कंट्रोल हो सकता है ब्लड शुगर? जानिए हालिया मेडिकल रिसर्च में क्या आया सामने..

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए लोग डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं के साथ-साथ कई घरेलू नुस्खों का भी सहारा लेते हैं। इन्हीं में हल्दी का सेवन भी शामिल है। हल्दी हमारे किचन में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख मसाला है, जिसमें करक्यूमिन (Curcumin) नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है। करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जिनके संभावित स्वास्थ्य लाभों पर लगातार वैज्ञानिक शोध किए जा रहे हैं।

हाल के कुछ अध्ययनों में करक्यूमिन के ब्लड शुगर, इंसुलिन सेंसिटिविटी और डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं पर संभावित प्रभावों की जांच की गई है। हाल ही में हुए एक शुरुआती अध्ययन में करक्यूमिन ने टाइप-1 डायबिटीज वाले चूहों में रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कुछ संकेतकों में सुधार दिखाया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इंसानों में भी इसका एक जैसा असर होगा। आइए जानते हैं कि रिसर्च के मुताबिक करक्यूमिन का डायबिटीज से जुड़े स्वास्थ्य पर क्या संभावित असर हो सकता है।

रिसर्च से जानें करक्यूमिन डायबिटीज में रक्त वाहिकाओं को कैसे कर सकता है प्रभावित?

Florida Institute of Technology के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च में यह जानने की कोशिश की कि हल्दी में पाए जाने वाले सक्रिय यौगिक करक्यूमिन का डायबिटीज से जुड़ी रक्त वाहिकाओं पर क्या असर पड़ता है। इसके लिए डायबिटीज से पीड़ित चूहों की तुलना उन चूहों से की गई, जिन्हें करक्यूमिन नहीं दिया गया था। शोधकर्ताओं ने चूहों की रक्त वाहिकाओं, खासकर महाधमनी यानी शरीर की सबसे बड़ी रक्त वाहिका, की बनावट और काम करने की क्षमता का अध्ययन किया। करीब एक महीने के उपचार के बाद करक्यूमिन दिए गए चूहों में रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कुछ संकेतकों में सुधार देखा गया। शोध में सूजन कम होने, कोशिकाओं में कैल्शियम के सामान्य तरीके से काम करने और HSP70 नामक प्रोटीन के स्तर में बदलाव जैसे प्रभाव सामने आए।

HSP70 एक ऐसा प्रोटीन है जो कोशिकाओं को तनाव और नुकसान से बचाने में मदद करता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, करक्यूमिन ने रक्त वाहिकाओं में कैल्शियम से जुड़े असामान्य बदलाव को कम करने में मदद की। इसके अलावा, महाधमनी में कोलेजन के ज्यादा जमा होने में कमी और इलास्टिन के स्तर में सुधार देखा गया। इलास्टिन एक ऐसा प्रोटीन है जो रक्त वाहिकाओं को लचीला बनाए रखने में मदद करता है। इन बदलावों से संकेत मिलता है कि करक्यूमिन रक्त वाहिकाओं की सामान्य बनावट और काम करने की क्षमता को बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह अध्ययन अभी चूहों पर किया गया है, इसलिए इंसानों में करक्यूमिन का यही असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए इंसानों पर क्लिनिकल स्टडी की जरूरत है।

क्या है करक्यूमिन?

करक्यूमिन हल्दी को उसका चमकीला पीला रंग देने वाला प्रमुख सक्रिय यौगिक है। इसे इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए लंबे समय से वैज्ञानिक शोध में शामिल किया जाता रहा है। नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि क्या करक्यूमिन डायबिटीज के कारण रक्त वाहिकाओं में होने वाले बदलावों को कम करने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने पर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इससे आगे चलकर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसी वजह से शोधकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि डायबिटीज से जुड़ी रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली में होने वाली गड़बड़ी को कम करने के लिए कौन-से नए रास्ते उपयोगी हो सकते हैं।

डायबिटीज में करक्यूमिन के क्या फायदे हो सकते हैं?

हल्दी में पाए जाने वाले सक्रिय यौगिक करक्यूमिन के ब्लड शुगर और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर संभावित प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक शोध किए जा रहे हैं। कुछ अध्ययनों में करक्यूमिन के ब्लड ग्लूकोज को प्रभावित करने और इंसुलिन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर करने की संभावनाओं की जांच की गई है। हालांकि, अभी इसे डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करने का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। डायबिटीज में शरीर में लंबे समय तक हल्की सूजन बनी रह सकती है। ऐसे में करक्यूमिन के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन से जुड़े बदलावों को प्रभावित कर सकते हैं। करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों और रिसर्च पर आधारित है। हल्दी या इसमें मौजूद करक्यूमिन को डायबिटीज का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इसे डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं या उपचार का विकल्प न बनाएं। खासकर करक्यूमिन सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि यह कुछ दवाओं के साथ इंटरैक्शन कर सकता है। किसी भी तरह के आहार या उपचार में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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