TrendingUttar Pradesh

​Bank Strike: बैंक बंद तो भी नहीं रुकेगा पैसा, ATM से UPI तक ये डिजिटल सेवाएं आएंगी काम

​Bank Strike: बैंक बंद तो भी नहीं रुकेगा पैसा, ATM से UPI तक ये डिजिटल सेवाएं आएंगी काम
पांच दिन बैंकिंग लागू करने समेत लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर
दूसरा शनिवार और रविवार के अवकाश से तीन दिन तक रहेगा असर, डिजिटल सेवाएं रहेंगी निर्वाध

लखनऊ़ अमृत विचार: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर उत्तर प्रदेश में व्यापक असर दिखा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं समेत कुछ निजी बैंको के कामकाज न होने से हजारों करोड़ का लेनदेन और चेकों की क्लियरिंग ठप रही। अगले दिन सप्ताह का दूसरा शनिवार और फिर रविवार का अवकाश होने के कारण कारोबार पर भारी असर रहेगा।

ATM से UPI तक ऐसे करें बैंकिंग

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को हुई देशव्यापी बैंक हड़ताल के चलते नकद जमानिकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, केवाईसी, दस्तावेज जमा करने और शाखा स्तर पर होने वाले अन्य कार्य प्रभावित हुए। हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं, हालांकि किसी बैंक की आंतरिक व्यवस्था के अनुसार कुछ सेवाओं में देरी संभव है। प्रमुख बैंकों ने भी ग्राहकों को आवश्यक काम पहले निपटाने और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। 

इन माध्यमों को करें इस्तेमाल

UPI Google Pay, PhonePe, Paytm आदि से पैसे भेजना और भुगतान करना।

ATM/Debit Card ATM से कैश निकालने और दुकानों पर कार्ड से भुगतान करने की सुविधा।

Mobile Banking बैंक के मोबाइल ऐप से फंड ट्रांसफर और बिल भुगतान।

Internet Banking ऑनलाइन फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अन्य बैंकिंग सेवाएं।

IMPS 24×7 तत्काल बैंक ट्रांसफर के लिए।

NEFT इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के लिए; उपलब्धता बैंक की व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।

Debit/Credit Card Payments POS मशीन और ऑनलाइन खरीदारी में कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

हड़ताल से यूपी में हजारों करोड़ का लेनदेन प्रभावित

उत्तर प्रदेश में अलगअलग जिलों के हिसाब से कारोबार और लेनदेन प्रभावित हुआ। संपूर्ण राज्य के लिए कोई एक आधिकारिक समेकित आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन विभिन्न जनपदों से मिले आंकलन के अनुसार करोड़ों से लेकर अरबों रुपये का कामकाज और चेक क्लीयरेंस ठप रहा वाराणसी में अकेले लगभग 800 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा, जहां 400 से अधिक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। लखनऊ और कानपुर में भी लगभर दो हजार करोड़, बदायूँ में लगभग 600 करोड़, हरदोई और सोनभद्र जैसे जिलों में भी 250 से 800 करोड़ रुपये तक का दैनिक बैंकिंग लेनदेन और चेक क्लीयरेंस रुक गया।

दो साल से लंबित है पांचदिवसीय बैंकिंग की मांग

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के अनुसार मार्च 2024 के द्विपक्षीय समझौते में पांचदिवसीय बैंकिंग व्यवस्था पर सहमति बनी थी और प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। यूनियनों का कहना है कि इसके बावजूद करीब ढाई साल से इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ। सरकार की ओर से हाल की वार्ताओं में पांचदिवसीय बैंकिंग को अभी ‘विचाराधीन’ बताया गया, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई। इसी के बाद 11 सितंबर की हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया। यूनियनों की मांगों में पांचदिवसीय बैंकिंग के अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से जुड़ा मुद्दा और अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगें भी शामिल हैं। सरकार के साथ बातचीत में पीएलआई के एक मुद्दे पर 202526 के लिए कदम उठाए गए हैं, लेकिन पांचदिवसीय बैंकिंग पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण आंदोलन जारी रखा गया।

आगे भी आंदोलन का कार्यक्रम

बैंक यूनियनों ने सितंबर में आगे 28, 29 और 30 सितंबर को भी हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। यूपी में शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार के नियमित अवकाश से शाखा संबंधी जरूरी कामों के लिए ग्राहकों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग माध्यमों के जरिए सामान्य लेनदेन जारी रहने की संभावना है।

ये भी पढ़ें :  

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply