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बेंगलुरु । कर्नाटक के दावणगेरे जिले में पुलिस ने लेखक और तर्कवादी केएस भगवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्यक्रम के दौरान लेखक केएस भगवान ने कथित तौर पर हिंदू धर्म, भगवान राम और हिंदू धर्मग्रंथों के खिलाफ टिप्पणियां की थीं। जानकारी सामने आई कि लेखक केएस भगवान के खिलाफ दावणगेरे जिले में हरिहर ग्रामीण पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह एसआईआर 12 जून को हरिहर के केआर नगर निवासी दिनेश की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, लेखक ने 9 जून को आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। यह कार्यक्रम कर्नाटक दलित संघर्ष समिति की ओर से बी. कृष्णप्पा जयंती और भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लेखक ने भगवान श्री राम, हिंदू धार्मिक मान्यताओं और वाल्मीकि रामायण के बारे में अपमानजनक और भड़काऊ बयान दिए।
शिकायत में कहा गया है, “लेखक ने टिप्पणी की कि ‘भगवान श्री राम का जन्म राजा दशरथ से नहीं हुआ था’ और ‘हिंदू देवताओं की पूजा नहीं की जानी चाहिए।’ कथित तौर पर लेखक ने कहा था, “हिंदू देवताओं की पूजा नहीं की जानी चाहिए। हिंदू देवता हत्या करने वाले देवता हैं और वाल्मीकि ने रामायण के बारे में गलत जानकारी देकर धर्मग्रंथ का अपमान किया है।”
शिकायत में आगे कहा गया है कि इस तरह लेखक ने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गंभीर रूप से आहत किया है। समाज में अलग-अलग समुदायों के बीच अशांति, तनाव और दुश्मनी पैदा की है। इसके साथ ही, हिंदू देवताओं में लोगों की आस्था का अपमान किया है।
शिकायत में लेखक केएस भगवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई। इस शिकायत के आधार पर, हरिहर ग्रामीण पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 196(1)(ए) और 299 के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
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