नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन फॉर्म6 में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग में इस बदलाव का आदेश किसने दिया और क्या इसे लागू करने के लिए तकनीकी कंपनी TCS पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन फॉर्म6 में बदलाव किए गए और पूछा कि चुनाव आयोग की ओर से TCS को यह बदलाव करने का निर्देश किसने दिया तथा TCS में इसे मंजूरी किसने दी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कंपनी पर ऐसा करने के लिए दबाव था।
क्या है फॉर्म6 का विवाद?
फॉर्म6 नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हाल के महीनों में इसके ऑनलाइन संस्करण में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। इसमें आवेदक से उसके या उसके मातापिता/दादादादी के पिछले SIR की मतदाता सूची में दर्ज होने से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
इस अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों की रिपोर्ट भी सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने फॉर्म में इस तरह के बदलाव की वैधानिकता और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।
कई राज्यों में हटाया गया अतिरिक्त घोषणा वाला हिस्सा
चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां यह घोषणा उपलब्ध रही। आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि गैरSIR अवधि में नियमों के तहत लागू सामान्य फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
फॉर्म6 को लेकर उठे सवालों के बीच अब राहुल गांधी के ताजा सवालों से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और फॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर बहस और तेज हो गई है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म6 और SIR से जुड़े फैसलों पर अलगअलग मौकों पर स्पष्टीकरण भी दिया गया है।



