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यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने तेज की तैयारी, प्रियंका गांधी की बैठक में तय होगी सपा से सीटों की दावेदारी?

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने तेज की तैयारी, प्रियंका गांधी की बैठक में तय होगी सपा से सीटों की दावेदारी?

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस भी इस बार चुनावी मैदान में मजबूत स्थिति के साथ उतरने की रणनीति बना रही है। इसी सिलसिले में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक करने जा रही हैं। इस बैठक में संगठन की स्थिति से लेकर समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन और सीटों के बंटवारे तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने के बाद इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि गठबंधन को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले पार्टी अपनी चुनावी ताकत और मजबूत सीटों का आकलन कर ले।

80 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की नजर

बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा हो सकती है, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा था। पार्टी 80 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों का विश्लेषण कर रही है। इनमें वे सीटें भी शामिल हैं, जहां कांग्रेस आगे रही थी या दूसरे स्थान पर पहुंची थी।

इसके साथ ही पार्टी अपनी सीटों को A, B और C श्रेणियों में बांटकर प्राथमिकता तय करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य सपा के साथ सीटों के बंटवारे की बातचीत के दौरान अपनी दावेदारी को मजबूती से रखना है।

सपा से 100 से 125 सीटें चाहती है कांग्रेस?

गठबंधन के गणित को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस की ओर से 100 से 125 मजबूत सीटों पर दावेदारी की बात सामने आ रही है। वहीं समाजवादी पार्टी जीत की संभावनाओं और PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को ध्यान में रखकर सीटों का बंटवारा करना चाहती है।

कांग्रेस शहरी इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उन सीटों पर ज्यादा जोर दे सकती है, जहां उसका पारंपरिक जनाधार रहा है। दूसरी तरफ सपा ग्रामीण क्षेत्रों और अपने मजबूत संगठन वाली सीटों पर पकड़ बनाए रखना चाहेगी।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी

कांग्रेस की रणनीति केवल गठबंधन और सीटों तक सीमित नहीं है। पार्टी जिला और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत कार्यकर्ताओं को दोबारा संगठित करने और स्थानीय समितियों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

महिला मतदाताओं और युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए भी रणनीति तैयार की जा सकती है। कांग्रेस चाहती है कि चुनाव से पहले उसका संगठन जमीन पर सक्रिय नजर आए।

सपा-कांग्रेस गठबंधन में क्यों अहम है सीटों का बंटवारा?

उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ मजबूत विपक्षी मुकाबला तैयार करने के लिए सपा और कांग्रेस के बीच तालमेल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसी सीटों का चयन करना है, जहां गठबंधन का उम्मीदवार जीतने की स्थिति में हो और विपक्षी वोटों का बंटवारा भी न हो।

कांग्रेस अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और संगठन की ताकत के आधार पर सीटें चाहती है, जबकि सपा अपने चुनावी समीकरणों को प्राथमिकता देना चाहेगी।

प्रियंका गांधी की प्रस्तावित बैठक के बाद कांग्रेस की चुनावी रणनीति और सीटों को लेकर पार्टी का रुख अधिक स्पष्ट हो सकता है। हालांकि, सपा और कांग्रेस के बीच अंतिम सीट बंटवारे को लेकर अभी किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।

Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध राजनीतिक जानकारियों और सामने आ रही चर्चाओं पर आधारित है। गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय संबंधित दलों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

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